Navratri Kanya Pujan Vidhi: क्‍या शारदीय नवरात्र से अलग होती है चैत्र नवरात्र की कन्‍या पूजा, जानें चैत्र अष्‍टमी पर कंजक पूजा के नियम

Navratri Kanya Pujan Vidhi (नवरात्रि कन्या पूजन विधि): शारदीय और चैत्र नवरात्रि दोनों में ही कन्या पूजन करने का विशेष महत्व माना जाता है। लेकिन क्या दोनों नवरात्रि में कन्या पूजन करने का तरीका अलग-अलग होता है? तो इसका जवाब है नहीं। नवरात्रि कोई भी हो सभी में कन्या पूजन एक ही तरीके से किया जाता है। चलिए आपको बताते हैं इसकी विधि।

Navratri Kanya Pujan Vidhi (नवरात्रि कन्या पूजन विधि): नवरात्रि पर्व के समापन पर कन्या पूजन करने का विशेष महत्व माना जाता है। कोई नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करता है तो कोई ये शुभ काम नवमी के दिन करता है। इस साल नवरात्रि की अष्टमी 5 अप्रैल को मनाई जाएगी तो वहीं नवमी 6 अप्रैल को है। आप अष्टमी या नवमी किसी भी तारीख पर कन्या पूजन कर सकते हैं। कन्या पूजन में 2 से 10 वर्ष तक की कन्याओं को घर बुलाकर उन्हें पूरे श्रद्धा भाव से भोजन कराया जाता है और उनके पैर छूकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। चलिए आपको बताते हैं कन्या पूजन की पूरी विधि क्या है।

Navratri Kanya Pujan Vidhi

Navratri Kanya Pujan Vidhi

नवरात्रि कन्या पूजन सामग्री लिस्ट (Kanya Pujan Samagri List)

  • कन्याओं का पैर धुलवाने के लिए साफ जल
  • कन्याओं को बिठाने के लिए आसन
  • कन्याओं को तिलक करने के लिए रोली
  • पैर पोछने के लिए एक साफ कपड़ा
  • कन्याओं के हाथ में बांधने के लिए कलावा
  • चुन्नी
  • फल
  • अक्षत
  • फूल
  • भोजन (हलवा, पूरी और चना)

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