प्रेमानंद जी महाराज और जैन आचार्य लोकेश का विश्व को संदेश, अहिंसा और अध्यात्म से ही दुनिया में शांति संभव

वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज और जैन आचार्य लोकेश की भेंट के दौरान विश्व शांति, अहिंसा और युवाओं के आध्यात्मिक विकास पर सार्थक चर्चा हुई। दोनों संतों ने यूक्रेन-रूस संघर्ष समाप्त होने की प्रार्थना करने का आह्वान करते हुए अध्यात्म और करुणा को स्थायी शांति का मार्ग बताया।

अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश ने वृंदावन के एकदिवसीय प्रवास के दौरान प्रख्यात आध्यात्मिक संत पूज्य प्रेमानंद जी महाराज से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों संतों के बीच विश्व शांति, शांति शिक्षा तथा युवा पीढ़ी के आध्यात्मिक विकास जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विस्तृत और सार्थक संवाद हुआ। दोनों संत इस बात पर सहमत थे कि वर्तमान समय में धर्म को अध्यात्म से जोड़ना अनिवार्य है, क्योंकि अध्यात्म ही वैश्विक शांति का स्थायी मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

Premanand Ji Maharaj Jain Acharya Lokesh meeting

विश्व शांति के लिए संतों का साझा संदेश (Photo - Instagram)

विश्व शांति के लिए संतों का साझा संदेश

जैन आचार्य लोकेश ने प्रेमानंद जी महाराज से कहा, "यूक्रेन–रूस संघर्ष को समाप्त करने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयास किए जा रहे हैं। आप प्रार्थना करें कि ये प्रयास शीघ्र सफल हों।" इस पर प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि ऐसा परिणाम केवल आध्यात्मिक मार्ग से ही संभव है।

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