शुरू हुआ इन 5 राशियों का 'डायमंड टाइम', अपने घर पहुंच गए 'ग्रहों के राजकुमार'

Budh Vakri Mithun Gochar 2026 : ग्रहों के राजकुमार बुध ने अपनी ही राशि मिथुन में गोचर कर लिया है। यह गोचर कुछ राशि वालों का भाग्योदय करने वाला साबित होगा। आइए जानते हैं कि वे राशियां कौन सी हैं।

Budh Vakri Mithun Gochar 2026 : वैदिक ज्योतिष में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। यह बुद्धि, वाणी, व्यापार, गणित, संचार, लेखन, तकनीक, शिक्षा, बैंकिंग, मीडिया, विश्लेषण क्षमता और तर्कशक्ति का कारक ग्रह है। सामान्यतः बुध किसी राशि में लगभग 23 से 28 दिन तक रहते हैं, लेकिन जब वे वक्री होते हैं तो उनका प्रभाव काफी अलग हो जाता है।

Budh Vakri Mithun Gochar 2026   बुध का मिथुन में गोचर कैसा रहेगा

बुध का मिथुन में गोचर कैसा रहेगा

इस समय बुध अपनी वक्री गति के कारण एक बार फिर मिथुन राशि में प्रवेश कर चुके हैं। बुध 29 जून 2026 से वक्री अवस्था में हैं। वक्री होने के कारण वे अपनी ही राशि मिथुन में वापस लौट आए हैं। अब 24 जुलाई 2026 को बुध मार्गी होंगे और इसके बाद 5 अगस्त 2026 को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में जुलाई का अधिकांश समय बुध अपनी स्वराशि मिथुन में रहकर विशेष प्रभाव देंगे।

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