Budh Gochar 2026: बुध ग्रह, जिन्हें वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के राजकुमार का दर्जा प्राप्त है, प्रत्येक व्यक्ति की जन्म कुंडली में विशेष महत्व रखते हैं। समय-समय पर बुध ग्रह अपनी चाल बदलते हैं, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है। अगस्त 2026 में बुध ग्रह अश्लेषा नक्षत्र में गोचर करेंगे। इस नक्षत्र गोचर का प्रभाव विशेष रूप से मेष, मिथुन और कन्या राशि के जातकों के जीवन पर पड़ेगा। इस दौरान इन राशियों के लोगों को किन-किन क्षेत्रों में लाभ या नुकसान हो सकता है, इसके बारे में आप यहां विस्तार से जानेंगे। साथ ही बुध के अश्लेषा नक्षत्र में गोचर का सटीक समय आपको पता चलेगा।
16 अगस्त को अश्लेषा नक्षत्र में गोचर करेंगे बुध
बुध गोचर का समय
द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, बुद्धि, शिक्षा, तर्क शक्ति, वाणी, संचार, लेखन, गणित, बैंकिंग, व्यापार, मीडिया और तकनीक के कारक ग्रह बुध 16 अगस्त 2026 को अश्लेषा नक्षत्र में गोचर करेंगे। ये गोचर सुबह 2 बजकर 19 मिनट के आसपास होगा। इस नक्षत्र में बुध 22 अगस्त 2026 तक रहेंगे। इस दिन शाम में 7 बजकर 33 मिनट के आसपास उनकी चाल बदलेगी। हालांकि, इस नक्षत्र में गोचर से पहले बुध पुष्य नक्षत्र में संचार कर रहे होंगे।
बुध गोचर से लाभ होगा या हानि? जानें
मेष, मिथुन और कन्या बुध ग्रह की प्रिय राशियां हैं, जिनके जातकों के लिए 16 अगस्त 2026 को होने वाला गोचर शुभ रहेगा। 16 अगस्त से बुध ग्रह का शुभ प्रभाव इनके जीवन पर पड़ना शुरू होगा, जो 22 अगस्त 2026 तक रहेगा।
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बुध गोचर से प्रभावित राशियों का राशिफल
- मेष राशि
- मिथुन राशि
- कन्या राशि
डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
