Buddha Purnima 2025 (बुद्ध पूर्णिमा 2025): बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म का अत्यंत ही महत्वपूर्ण और पावन पर्व है, जो भगवान गौतम बुद्ध की स्मृति में मनाया जाता है। ये उत्सव वैशाख मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, और इसे बुद्ध जयंती या वैशाख पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म लुंबिनी, नेपाल में सिद्धार्थ के रूप में हुआ था साथ ही इसी तिथि पर उन्हें बोधगया में पीपल वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था तथा कुशीनगर में इसी दिन उन्होंने महापरिनिर्वाण भी प्राप्त किया था।। इस कारण ये ये दिन उनके जीवन की तीन प्रमुख घटनाओं का प्रतीक है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन भक्त भगवान गौतम बुद्ध के उपदेशों को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हैं। इस दिन देश-विदेश के बौद्ध मंदिरों और विहारों में विशेष पूजा, ध्यान, उपदेश, भिक्षु संगोष्ठियां तथा दान-पुण्य के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लोग जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करते हैं। बुद्ध पूर्णिमा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि ये आत्म शुद्धि, करुणा और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। चलिए जानते हैं बुद्ध पूर्णिमा 2025 की डेट को।
Buddha Purnima 2025 Date
बुद्ध पूर्णिमा 2025 डेट (Buddha Purnima 2025 Date)
हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा की शुरुआत 11 मई को शाम 08 बजकर 01 मिनट पर होगी। वहीं, 12 मई को रात 10 बजकर 25 मिनट पर वैशाख पूर्णिमा तिथि का समापन होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार वर्ष 2025 में 12 मई, सोमवार के दिन बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाएगी।
बुद्ध पूर्णिमा का महत्व (Buddha Purnima Ka Mahatva)
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार 563 ईसा पूर्व में जन्मे भगवान बुद्ध का अवतरण माता महामाया के गर्भ से सिद्धार्थ रूप में हुआ था। इनके पिता का नाम राजा शुद्धोधन था। संसार की माया को जानने और समझने की चाह ने इन्हें अपने राज्य और कुल को त्यागने पर मजबूर कर दिया। सिद्धार्थ की धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा ने उन्हें गौतम बुद्ध बना दिया और उनके उपदेशों ने उन्हें भगवान। इस पावन तिथि पर भगवान बुद्ध का स्मरण किया जाता है और दान-पुण्य भी किया जाता है। ये पर्व मनुष्य को उस आत्म ज्ञान को पाने की प्रेरणा प्रदान करता है, जिसने राजकुमार सिद्धार्थ को भगवान बुद्ध बना दिया।
