Basant Panchami 2023: ब्रज की बसंत पंचमी होती है बहुत खास, भक्तों संग बिहारी जी खेलते हैं अबीर−गुलाल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 23, 2023, 12:31 PM IST

Basant Panchami 2023: एक ओर पूरा राष्ट्र गणतंत्र दिवस के उत्साह में डूबा होगा तो दूसरी ओर कान्हा की धरा ब्रज में बिखरेगी तिरंगे संग बसंत की छटा। 26 जनवरी गुरुवार को बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाएगा। बांके बिहारी मंदिर सहित वृंदावन के विभिन्न मंदिरों में इस दिन से शुरू हो जाएगा होली का उत्सव।

KEY HIGHLIGHTS
  • 26 जनवरी को है बसंत पंचमी का त्यौहार
  • ब्रज में बसंत पंचमी से होती है होली की शुरूआत
  • बिहारी जी मंदिर में खेला जाएगा पहला फाग

Basant Panchami 2023: धरती की धानी चुनरिया जब बसंती रंग से श्रंगारित हो उठती है वो दिन होता है बसंत पचंमी का। ऋतुराज बसंत के आगमन पर प्रकृति विविध रंगों से सजती है। यही विविध रंग ब्रज की कुंज गलियों में इस पर्व के साथ बिखरने शुरू हो जाते हैं। श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा- वृंदावन, जहां की मिट्टी से लेकर हवा तक में वास है केशव तत्व का। यहां स्थित बांके बिहारी मंदिर में स्नेह बिहारी जी मंदिर, राधा दामोदर मंदिर, राधा बल्लभ मंदिर आदि में बसंत पंचमी के दिन से आरंभ हो जाएगा फाग उत्सव। आइये आपको बताते हैं बिहारी जी मंदिर में क्या रहेगा बसंत पंचमी पर खास, जिसके लिए हजारों भक्त करते हैं हर वर्ष इंतजार।

अबीर−गुलाल बिखरेगा मंदिर प्रांगण में

यूं तो बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन में प्रतिदिन ही हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं लेकिन अपने बांके के साथ फाग की शुरूआत करने का आनंद ही कुछ और है। बसंत पंचमी के दिन ठाकुर जी के समक्ष गुलाल, फूल और अबीर के पांच थाल रखे जाते हैं। प्रभु की उर्जाओं से उर्जित होकर उन थालों के गुलाल को भक्तों पर डाला जाता है। गुलाल का फेंटा बिहारी जी की कमर पर इस दिन बांधा जाता है। इस परंपरा के साथ ही ब्रज में 40 दिवसीय रंगोत्सव का आगाज हो जाता है।

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