बसंत पंचमी पर क्यों खाए जाते हैं पीले चावल? जानिए इसके पीछे का धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

Basant Panchami Par Peele Chawal Kyo banaye jate hai: माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन विद्या की देवी मां शारदे मतलब माता सरस्वती का पूजन किया जाता है। इस दिन से ही बसंत ऋतु की शुरुआत हो जाती है। मान्यता है कि इस दिन पीले रंग का भोजन बनाना और करना चाहिए। इसके साथ ही पीले रंग के चावल खीर या खिचड़ी के रूप में खाने चाहिए। आइए जानते हैं कि इसके पीछे क्या कारण है?

Basant Panchami Par Peele Chawal Kyo banaye jate hai: बसंत पंचमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख और कलरफुल फेस्टिवल है, जो हर साल माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। साल 2026 में यह 23 जनवरी को मनाई जा रही है। इस दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है और बसंत ऋतु के आगाज को सेलिब्रेट किया जाता है।

बसंत पंचमी पर पीले चावल क्यों बनाए जाते हैं

बसंत पंचमी पर पीले चावल क्यों बनाए जाते हैं

इस पर्व पर पीले रंग का विशेष महत्व होता है। इस दिन पीले वस्त्र पहनना, पीले फूल चढ़ाना और सबसे खास है पीले चावल (केसरिया चावल या केसर भात) का प्रसाद और भोजन करना प्रमुख माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बसंत पंचमी पर पीले चावल क्यों खाए जाते हैं? इसके पीछे धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक कारण क्या हैं। अगर नहीं, तो आइए जानते हैं।

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