Today Sunset And Moonrise Time : आज 6 मई 2026 को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 37 मिनट पर हुआ, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 59 मिनट पर होगा। हिंदू धर्म में सूर्यास्त का समय केवल दिन के समाप्त होने का संकेत नहीं होता, बल्कि यह आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस समय वातावरण में एक अलग ऊर्जा होती है, जिसे संध्या काल कहा जाता है। यही वजह है कि इस समय पूजा, आरती और ध्यान करने का विशेष महत्व बताया गया है।
आज सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय क्या है
सूर्यास्त के समय प्रकृति में एक संतुलन बनता है, दिन और रात का मिलन होता है। इस समय भगवान की उपासना करने से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। खासकर जो लोग नियमित रूप से संध्या वंदन करते हैं, उनके लिए यह समय बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। सूर्यास्त के बाद ही प्रदोष काल की शुरुआत होती है, जो भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। आइए जानते हैं कि सभी प्रमुख शहरों में आज सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय क्या है।
भारत के प्रमुख शहरों में सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय क्या है? (Today Sunset And Moonrise Time)
| शहर | सूर्यास्त | चंद्रोदय |
|---|---|---|
| दिल्ली | शाम 6:59 | रात 10:45 |
| लखनऊ | शाम 6:47 | रात 10:32 |
| कानपुर | शाम 6:50 | रात 10:35 |
| वाराणसी | शाम 6:38 | रात 10:20 |
| प्रयागराज | शाम 6:44 | रात 10:28 |
| गोरखपुर | शाम 6:36 | रात 10:18 |
| आगरा | शाम 6:55 | रात 10:40 |
| मेरठ | शाम 6:58 | रात 10:44 |
| जयपुर | शाम 7:05 | रात 10:52 |
| भोपाल | शाम 6:53 | रात 10:38 |
| पटना | शाम 6:28 | रात 10:12 |
| रांची | शाम 6:20 | रात 10:05 |
| कोलकाता | शाम 6:15 | रात 9:58 |
| मुंबई | शाम 7:01 | रात 10:48 |
| पुणे | शाम 6:58 | रात 10:45 |
| अहमदाबाद | शाम 7:08 | रात 10:55 |
| चंडीगढ़ | शाम 7:02 | रात 10:50 |
| देहरादून | शाम 6:56 | रात 10:42 |
| जम्मू | शाम 7:10 | रात 10:58 |
| श्रीनगर | शाम 7:18 | रात 11:05 |
शाम की पूजा और प्रदोष काल का समय
आज गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। यह समय खासतौर पर दीप जलाने, तुलसी पूजा और भगवान की आरती के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा सायाह्न संध्या का समय शाम 6 बजकर 59 मिनट से रात 8 बजकर 03 मिनट तक रहेगा, जिसमें मंत्र जाप, ध्यान और पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। प्रदोष काल भी सूर्यास्त के आसपास ही शुरू होता है और यह भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस समय शिव पूजा करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
