Aaj Ka Panchang: आज 8 अक्टूबर को कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। वहीं, अश्विनी नक्षत्र रात 10 बजकर 44 तक है, इसके बाद भरणी नक्षत्र लग जाएगा। योग हर्षण सुबह 1 बजकर 33 तक रहेगा। करण तैतिल शाम 4 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। इसके बाद गर करण लग जाएगा। आज से ही कार्तिक माह की शुरुआत मानी जा रही है। यह महीना कई सारे त्योहार और व्रतों को लेकर आता है।आज का दिन बुधवार है।
8 अक्टूबर का पंचांग ( Pic credit- canva)
सूर्य और चंद्र का समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: सुबह 06:18
सूर्यास्त: शाम 05:59
चंद्रोदय और चंद्रास्त
चंद्रोदय: शाम 06:39
चंद्रास्त: सुबह 07:23 (9 अक्टूबर)
दिनमान और रात्रिमान
दिनमान: 11 घंटे 41 मिनट 10 सेकंड
रात्रिमान: 12 घंटे 19 मिनट 23 सेकंड
आज का पंचांग
1. तिथि
कृष्ण द्वितीया: रात 02:22 तक (9 अक्टूबर)
कृष्ण तृतीया: इसके बाद
2. नक्षत्र
अश्विनी: रात 10:44 तक
प्रथम चरण: सुबह 06:47 तक
द्वितीय चरण: दोपहर 12:07 तक
तृतीय चरण: शाम 05:26 तक
चतुर्थ चरण: रात 10:44 तक
भरणी: रात 10:44 के बाद (9 अक्टूबर को सुबह 04:03 तक प्रथम चरण)
3. योग
हर्षण: रात 01:33 तक (9 अक्टूबर)
वज्र: इसके बाद
4. करण
तैतिल: शाम 04:08 तक
गर: रात 02:22 तक (9 अक्टूबर)
वणिज: इसके बाद
5. वार
बुधवार
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
चंद्र मास:
पूर्णिमांत: कार्तिक
अमांत: आश्विन
विक्रम संवत: 2082 (कालायुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
गुजराती संवत: 2081 (नल)
बृहस्पति संवत्सर:
कालायुक्त: 25 अप्रैल 2025 तक, दोपहर 03:07 तक
सिद्धार्थी: इसके बाद
प्रविष्टे/गते: 22
राशि और नक्षत्र
चंद्र राशि: मेष
सूर्य राशि: कन्या
सूर्य नक्षत्र: हस्त (चतुर्थ चरण)
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु: शरद
वैदिक ऋतु: शरद
द्रिक अयन: दक्षिणायन
वैदिक अयन: दक्षिणायन
8 अक्टूबर के दिन का शुभ काल
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:39 से 05:29
प्रातः संध्या: सुबह 05:04 से 06:18
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:05 से 02:52
गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:59 से 06:24
सायाह्न संध्या: शाम 05:59 से 07:13
अमृत काल: शाम 04:21 से 05:47
निशिता मुहूर्त: रात 11:44 से 12:33 (9 अक्टूबर)
नोट: अभिजित मुहूर्त इस दिन अनुपस्थित है।
8 अक्टूबर के दिन का अशुभ काल
अशुभ समय में बड़े कार्यों से बचें:
राहुकाल: दोपहर 12:08 से 01:36
यमगण्ड: सुबह 07:45 से 09:13
गुलिक काल: सुबह 10:41 से दोपहर 12:08
विडाल योग: सुबह 06:18 से रात 10:44
वर्ज्य: शाम 07:12 से 08:37
दुर्मुहूर्त: सुबह 11:45 से दोपहर 12:32
गण्ड मूल: सुबह 06:18 से रात 10:44 (अश्विनी नक्षत्र के कारण)
अन्य ज्योतिषीय जानकारी
होमाहुति: मंगल
दिशा शूल: उत्तर (इस दिशा में यात्रा से बचें)
अग्निवास:
पाताल: रात 02:22 तक (9 अक्टूबर)
पृथ्वी: इसके बाद
शिववास:
सभा में: रात 02:22 तक (9 अक्टूबर)
क्रीड़ा में: इसके बाद
चंद्र वास: पूर्व
राहु वास: दक्षिण-पश्चिम
कुंभ चक्र: उत्तर (अशुभ)
बाण: अग्नि (सुबह 11:37 तक)
आनंदादि योग:
मृत्यु (अशुभ): रात 10:44 तक
काण (अशुभ): इसके बाद
तमिल योग:
मरण: रात 10:44 तक
मरण: इसके बाद
जीवनम: पूर्ण जीवन
नेत्रम: दो नेत्र
करें ये धार्मिक अनुष्ठान
8 अक्टूबर 2025 को कार्तिक मास का प्रारंभ है, जो भक्ति और संयम का समय है। आज दीप दान का विशेष महत्व है। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें और तुलसी, समीप मंदिर या पीपल वृक्ष के नीचे दीप दान करें। दोपहर 12:00 से 01:30 के बीच राहु से संबंधित द्रव्यों उड़द, तिल, नारियल का दान या बहते जल में प्रवाहित करना राहु जनित समस्याओं से मुक्ति दिलाता है। गोधूलि बेला शाम 05:59 से 06:24 में गजेंद्रमोक्ष पाठ करने से दैहिक, दैविक और भौतिक संतापों से राहत मिलती है। श्री गणेश स्तुति और दान-पुण्य से भक्ति पथ पर चलें।
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🌕 चंद्रबल और ताराबल
आज मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ राशि वालों को चंद्रबल प्राप्त है। अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती सहित 20+ नक्षत्रों को ताराबल प्राप्त है।
🙏 आपका दिन मंगलमय हो!
