Aaj Ka Panchang: 23 नवंबर 2025, रविवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शाम 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। नक्षत्र मूल शाम 7 बजकर 28 मिनट तक रहेगा, फिर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र लगेगा। योग में धृति दोपहर 12 बजकर 9 मिनट तक, फिर शूल रहेगा। करण में गर शाम 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। आज सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह से शाम 7 बजकर 28 मिनट तक और रवि योग शाम 7 बजकर 28 मिनट से अगले दिन सुबह तक रहेगा – यह दोनों योग किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत उत्तम हैं।
23 नवंबर का पंचांग
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 6 बजकर 50 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 25 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा सुबह 9 बजकर 31 मिनट पर उदय होगा और शाम 7 बजकर 37 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 34 मिनट 38 सेकंड और रात की अवधि 13 घंटे 26 मिनट 9 सेकंड रहेगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल तृतीया शाम 7 बजकर 24 मिनट तक, फिर शुक्ल चतुर्थी। नक्षत्र मूल शाम 7 बजकर 28 मिनट तक रहेगा, फिर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र। मूल का पहला पाद दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। योग धृति दोपहर 12 बजकर 9 मिनट तक, फिर शूल। करण गर शाम 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत और अमांत दोनों में) है। प्रविष्टे/गते 8 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्र राशि धनु में पूरे दिन रहेगी। सूर्य वृश्चिक राशि में है और मूल नक्षत्र में शाम 7 बजकर 28 मिनट तक रहेगा, फिर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में चला जाएगा। मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र दृढ़ संकल्प, नेतृत्व और सफलता की ऊर्जा प्रदान करेंगे।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक दोनों) है। अयन दक्षिणायन है। मौसम में ठंड बढ़ रही है, रातें काफी ठंडी हो गई हैं।
23 नवंबर के दिन का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:03 से 5:56 बजे तक (ध्यान-पूजा के लिए उत्तम)
- प्रातः संध्या: सुबह 5:30 से 6:50 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:46 से दोपहर 12:29 बजे तक (महत्वपूर्ण कार्यों के लिए बेस्ट)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:53 से 2:36 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:22 से 5:49 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:25 से 6:45 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 12:21 से 2:07 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 6:50 से शाम 7:28 बजे तक (कोई भी शुभ कार्य करें)
- रवि योग: शाम 7:28 बजे से 24 नवंबर सुबह 6:51 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:41 बजे से 24 नवंबर सुबह 12:35 बजे तक
23 नवंबर के दिन का अशुभ समय
- राहुकाल: शाम 4:05 से 5:25 बजे तक (नए काम न करें)
- यमगण्ड: दोपहर 12:07 से 1:27 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 2:46 से 4:05 बजे तक
- विडाल योग: सुबह 6:50 से शाम 7:28 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 4:00 से 4:42 बजे तक
- वर्ज्य: शाम 5:41 से 7:28 बजे तक
- गण्ड मूल: सुबह 6:50 से शाम 7:28 बजे तक
- बाण: चोर − दोपहर 12:11 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में सिद्धि शाम 7 बजकर 28 मिनट तक, फिर शुभ और सिद्ध रहेगा। तमिल योग में अमृत शाम 7 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। जीवनम में अर्ध जीवन और नेत्रम में नेत्रहीन रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति सूर्य को शाम 7 बजकर 28 मिनट तक, फिर बुध को दी जाएगी। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है – पश्चिम की यात्रा टालें। चंद्र वास पूर्व, राहु वास उत्तर, अग्निवास शाम 7 बजकर 24 मिनट तक आकाश में फिर पाताल में, शिववास शाम 7 बजकर 24 मिनट तक सभा में फिर क्रीड़ा में रहेगा। कुंभ चक्र पूर्व में रहेगा।
