Aaj Ka Panchang 9 March 2025 (आज का पंचांग 9 मार्च 2025): हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रविवार के दिन व्रत-पूजन करने से व्यक्ति की आयु, स्वास्थ्य और यश में वृद्धि होती है। इस दिन सूर्य देव को अर्घ्य देना और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना विशेष लाभकारी माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से रविवार सूर्य ग्रह का दिन होता है, जो जातक की नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है। यदि किसी की कुंडली में सूर्य अशुभ स्थिति में हो तो उसे रविवार को व्रत करने, लाल वस्त्र धारण करने, गुड़-गेहूं का दान करने और सूर्य मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है। इस दिन तामसिक भोजन से बचना, जल का अधिक सेवन करना और आदित्य स्तोत्र का पाठ करना मानसिक एवं शारीरिक लाभ पहुंचा सकता है। रविवार का संबंध चिकित्सा और आरोग्य से भी जोड़ा जाता है, इस नाते इस दिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और प्राकृतिक नियमों का पालन करने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन उपवास करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और त्वचा संबंधी रोगों से बचाव होता है। आप 9 मार्च 2025 के पंचांग से शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और तिथि से जुड़े उपायों के बारे यहां जान सकते हैं।
Aaj ka Panchang 9 March 2025
Aaj Ka Panchang 9 March 2025 (आज का पंचांग 9 मार्च 2025)
आज का पंचांग 09 मार्च 2025
- संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
- माह - फाल्गुन, शुक्ल पक्ष,
- तिथि - दशमी 07:51 ए.एम तक फिर एकादशी
- पर्व - रविवार व्रत
- दिवस - रविवार
- सूर्योदय - 06:38 ए.एम सूर्यास्त - 6:27 ए.एम
- नक्षत्र - पुनर्वसु 11:45 ए.एम तक फिर पुनर्वसु
- चन्द्र राशि - मिथुन, स्वामी ग्रह-बुध 05;45 पी.एम तक तत्पश्चात कर्क, स्वामी ग्रह - चंद्रमा
- सूर्य राशि- कुंभ, स्वामी ग्रह-शनि
- करण-- गरज07:46 ए.एम तक फिर वणिज
- योग- सौभाग्य 03:01 पी.एम तक फिर शोभन
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत - 11:53 पी.एम से दोपहर 12:44 पी.एम तक
- विजय मुहूर्त - 02:25 पी.एम से 03:25 पी.एम तक
- गोधुली मुहूर्त - 06:25 पी.एम से 07:21 पी.एम तक
- ब्रम्ह मुहूर्त - 4:03 ए.एम से 05:07 ए.एम तक
- अमृत काल - 06:03 ए.एम से 07:46 ए.एम तक
- निशीथ काल मुहूर्त - रात 11:42 पी.एम से 12:26 ए.एम तक
- संध्या पूजन - 06:26 पी.एम से 07:04 पी.एम तक
दिशा शूल - पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त - राहुकाल - सायंकाल 04:30 पी.एम से 06:00 पी.एम तक
क्या करें - आज फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। 10:51 प्रातःकाल के बाद एकादशी है। लेकिन एकादशी तिथि कल ही मान्य होगी। आज सूर्य देव जी को समर्पित व्रत बहुत ही पुण्यदायी होता है। सूर्य उपासना करें। श्री आदित्यह्र्दय स्तोत्र का 03 पाठ करें। फलों व अन्न का दान करें। भगवान भास्कर उपासना के साथ शिव पूजा कल्याणकारी फल प्रदान करने वाले हैं। आज व्रत रखें । राम सूर्यवंशी हैं। भगवान विष्णु के अवतार परम ब्रम्ह राम जी कष्टों को समाप्त करते हैं। आज व्रत,दान व पुण्य का उत्तम फल है। सम्पूर्ण भक्ति भाव से घर व मंदिर में श्री रामचरितमानस का पाठ करें। भगवान सूर्य को जल दें। गायत्री मंत्र का जप करें।
क्या न करें- सूर्य पिता का कारक ग्रह है। पिता के किसी भी बात की अवज्ञा मत करें।
