Aaj Ka Panchang 8 March 2025 (आज का पंचांग 8 मार्च 2025): धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार शनिवार का दिन अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ये दिन मुख्य रूप से शनि देव को समर्पित होता है, जो न्याय के देवता हैं और व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनि देव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन व्रत, पूजा, हवन और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शनि देव उन व्यक्तियों को कष्ट देते हैं जो अधर्म और बुरे कर्मों में लिप्त रहते हैं, जबकि सत्य और धर्म मार्ग पर चलने वाले लोगों को वे सफलता और समृद्धि का वरदान देते हैं। इस दिन भगवान हनुमान की पूजा करने का भी विशेष विधान होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार को शनि ग्रह का दिन माना जाता है, जो व्यक्ति के भाग्य, कर्म, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यवसाय पर प्रभाव डालता है। जिन व्यक्तियों की कुंडली में शनि की महादशा या साढ़े साती चल रही हो, उन्हें शनि देव के मंदिर में तेल चढ़ाने, काले तिल और उड़द का दान करने और जरूरतमंदों को भोजन कराने की सलाह दी जाती है। शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और उपायों के बारे जानकारियां प्राप्त करने के लिए आप आज के पंचांग को यहां देख सकते हैं।
Aaj ka Panchang 8 March 2025
Aaj Ka Panchang 8 March 2025 (आज का पंचांग 8 मार्च 2025)
आज का पंचांग 8 मार्च 2025
- संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
- माह - फाल्गुन, शुक्ल पक्ष,
- तिथि - नवमी 08:17 ए.एम तक फिर दशमी
- पर्व - शनिवार व्रत
- दिवस - शनिवार
- सूर्योदय - 06:40 ए.एम सूर्यास्त - 6:24 पी.एम
- नक्षत्र - आद्रा 11:29 पी.एम तक फिर पुनर्वसु
- चन्द्र राशि - मिथुन,स्वामी ग्रह-बुध
- सूर्य राशि- कुंभ,स्वामी ग्रह-शनि
- करण - कौलव 08:19 ए.एम तक फिर तैतिल
- योग - आयुष्मान 04:25 पी.एम तक फिर सौभाग्य
8 मार्च 2025 के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत - 11:58 से ए.एम दोपहर 12:44 पी.एम तक
- विजय मुहूर्त - 02:25 पी.एम से 03:25 पी.एम तक
- गोधुली मुहूर्त - 06:25 पी.एम से 07:22 पी.एम तक
- ब्रम्ह मुहूर्त - 4:03 ए.एम से 05:07 ए.एम तक
- अमृत काल - 06:03 ए.एम से 07:46 ए.एम तक
- निशीथ काल मुहूर्त - रात 11:42 पी.एम से 12:26 पी.एम तक
- संध्या पूजन - 06:26 पी.एम से 07:04 पी.एम तक
दिशा शूल - पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त - राहुकाल - प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक
क्या करें - आज फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। दशमी दिन शनिवार भगवान हनुमान को समर्पित व्रत बहुत ही पुण्यदायी होता है। पवन पुत्र, संकटमोचन हनुमान की उपासना करें। सुंदरकांड का पाठ करें। फलों व अन्न का दान करें। शनि उपासना के साथ भैरव पूजा कल्याणकारी फल प्रदान करने वाले हैं। आज व्रत रखें, भगवान राम का ध्यान और पूजन भी करें। भगवान विष्णु के अवतार परम ब्रम्ह भगवान राम कष्टों को समाप्त करते हैं। हनुमान चालीसा का 07 पाठ करने का उत्तम फल है। सम्पूर्ण भक्ति भाव से घर व मंदिर में सुंदरकांड का पाठ करें। भगवान के नाम का संकीर्तन करें। पीपल को जल दें व उनकी 07 परिक्रमा करें।
क्या न करें - शनि न्याय के कारक ग्रह हैं। किसी के साथ अन्याय न करें। किसी को मन, वचन व कर्म से कष्ट मत दें।
