आज का पंचांग (6 January 2026): आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया सुबह 8 बजकर 1 मिनट तक रहेगी, फिर चतुर्थी लग जाएगी। इस कारण आज सकट चतुर्थी है। नक्षत्र अश्लेशा दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक रहेगा, फिर मघा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा कर्क राशि में दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक रहेगा, उसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेगा। योग प्रीति शाम 8 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। करण बालव शाम 7 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। आज सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक रहेगा।
6 जनवरी का पंचांग
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 39 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा शाम 8 बजकर 54 मिनट पर उदय होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 24 मिनट 7 सेकंड और रात की 13 घंटे 35 मिनट 59 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण तृतीया सुबह 8:01 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी। नक्षत्र अश्लेशा दोपहर 12:17 तक, फिर मघा। करण कौलव 7 जनवरी सुबह 6:52 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास माघ (पूर्णिमांत), पौष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 22।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
6 जनवरी का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:26 से 6:21 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:53 से 7:15 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:06 से 12:48 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:11 से 2:53 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:36 से 6:04 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:39 से 7:01 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 10:46 से दोपहर 12:17 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 12:00 बजे से 7 जनवरी सुबह 12:54 तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 7:15 से दोपहर 12:17 बजे तक
6 जनवरी का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 3:03 से 4:21 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 9:51 से 11:09 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 12:27 से 1:45 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 9:20 से 10:01 बजे तक
- वर्ज्य: 7 जनवरी सुबह 12:07 से 1:41 बजे तक और शाम 11:05 से 12:00 बजे तक
- भद्रा: सुबह 8:01 तक
- बाण: रज – शाम 6:46 से पूरी रात तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में आनंद दोपहर 12:17 तक, फिर कालदंड। तमिल योग में सिद्ध दोपहर 12:17 तक, फिर मरण। जीवनम में पूर्ण जीवन, नेत्रम में दो नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति मंगल को। दिशा शूल उत्तर दिशा में – उत्तर की यात्रा टालें। अग्निवास सुबह 8:01 तक पाताल में, फिर पृथ्वी में। चंद्र वास दोपहर 12:17 तक उत्तर में, फिर पूर्व में। भद्रावास सुबह 8:01 तक मृत्यु में। राहु वास पश्चिम, कुंभ चक्र उत्तर में।
आज अश्लेशा नक्षत्र और चंद्रमा कर्क से सिंह में होने से भावनात्मक गहराई और साहस बढ़ेगा। मंगलवार होने से हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं, हनुमान बाहुक पढ़ें और गुड़-चने दान करें। सारे कार्य सिद्ध होंगे।
