Aaj Ka Panchang (28 December 2025) : आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी दोपहर 11 बजकर 59 मिनट तक रहेगी, फिर नवमी लग जाएगी। नक्षत्र उत्तर भाद्रपद सुबह 8 बजकर 43 मिनट तक रहेगा, फिर रेवती नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में रहेगा। योग वरीयान् सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। करण बालव रात 11 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। आज सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7 बजकर 13 मिनट से 8 बजकर 43 मिनट तक और रवि योग सुबह 8 बजकर 43 मिनट से 29 दिसंबर सुबह 6 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। ये दोनों शुभ योग हैं।
28 दिसंबर का पंचांग
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 33 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर उदय होगा और 29 दिसंबर रात 1 बजकर 26 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 20 मिनट 5 सेकंड और रात की 13 घंटे 40 मिनट 15 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल अष्टमी दोपहर 11:59 तक, फिर शुक्ल नवमी। नक्षत्र उत्तर भाद्रपद सुबह 8:43 तक, फिर रेवती। करण कौलव 29 दिसंबर रात 1:31 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत और अमान्त)। प्रविष्टे/गते 13।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
28 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:23 से 6:18 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:51 से 7:13 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:02 से 12:43 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:06 से 2:47 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:30 से 5:58 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:33 से 6:55 बजे तक
- अमृत काल: 29 दिसंबर रात 5:23 से 6:55 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:56 बजे से 29 दिसंबर सुबह 12:50 तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 7:13 से 8:43 बजे तक
- रवि योग: सुबह 8:43 से 29 दिसंबर सुबह 6:37 बजे तक
28 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: शाम 4:15 से 5:33 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 12:23 से 1:40 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 2:58 से 4:15 बजे तक
- आडल योग: सुबह 7:13 से 8:43 बजे तक
- विडाल योग: सुबह 8:43 से 29 दिसंबर सुबह 6:37 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: शाम 4:10 से 4:51 बजे तक
- वर्ज्य: शाम 8:12 से 9:44 बजे तक
- बाण: रज – रात 10:46 से पूरी रात तक
- पंचक: पूरे दिन
- गंड मूल: सुबह 8:43 से 29 दिसंबर सुबह 7:13 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में स्थिर सुबह 8:43 तक, फिर वर्धमान। तमिल योग में अमृत सुबह 8:43 तक, फिर सिद्ध। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में एक नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति शुक्र को। दिशा शूल पश्चिम दिशा में – पश्चिम की यात्रा टालें। अग्निवास दोपहर 11:59 तक पाताल में, फिर पृथ्वी में। चंद्र वास उत्तर में। शिववास दोपहर 11:59 तक श्मशान में, फिर गौरी के साथ। राहु वास उत्तर, कुंभ चक्र दक्षिण में।
आज उत्तर भाद्रपद नक्षत्र और चंद्रमा मीन में होने से आध्यात्मिकता, करुणा और दीर्घकालिक योजनाओं में सफलता मिलेगी। रविवार होने से सूर्य देव को जल अर्पित करें, आदित्यहृदय स्तोत्र पढ़ें और गेहूं-गुड़ दान करें – सारे कार्य सिद्ध होंगे।
