Aaj Ka Panchang 22 November 2024 (आज का पंचांग 22 नवंबर 2024): मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन शाम के 5 बजकर 20 मिनट तक आश्लेषा नक्षत्र रहेगा। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 56 मिनट से लेकर 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त पूजा करना शुभ होगा। आज के दिन राहुकाल का समय प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। राहुकाल में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। अब आइए जानें आज का पूरा पंचांग।
Aaj Ka Panchang 22 November 2024 (आज का पंचांग 22 नवंबर 2024)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081माह-मार्गशीर्ष ,कृष्ण पक्ष,पर्व -सप्तमी व्रत
तिथि-सप्तमी 06:09pm तक फिर अष्टमी
दिवस -शुक्रवार
सूर्योदय-06:48am
सूर्यास्त-05:24 pm
नक्षत्र-आश्लेषा 05:20 pm तक फिर मघा
चन्द्र राशि -कर्क,स्वामी ग्रह -चन्द्रमा 05:11pm तक तत्पश्चात सिंह,स्वामी-सूर्य
सूर्य राशि-वृश्चिक,स्वामी=मङ्गल
करण- बव 06:08 pm तक फिर बालव
योग- ब्रम्ह 06:07 pm तक फिर इंद्र
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-11:56am से 12:30 pm तक2विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:25pm तक
3गोधुली मुहूर्त-06:23pm से 07:25pmतक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:03m से 05:08am तक
5अमृत काल-06:06am से 07:42am तक
6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41से 12:20तक रात
संध्या पूजन-06:21 pm से 07:07pm तक
दिशा शूल-दक्षिण व पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल-प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तकक्या करें-मार्गशीर्ष सप्तमी तिथि है,शुक्रवार है। वैभव लक्ष्मी व्रत रहें ।माता जी की उपासना करें।आज श्री विष्णु उपासना अवश्य करें। भगवान विष्णु के नाम का जप करें। वैभव लक्ष्मी व्रत करने से धन धान्य की प्राप्ति होती है ।आज श्री सूक्त का पाठ करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। फलों का दान करें । आज कम्बल तथा ऊनी वस्त्रों के दान का बहुत महत्व होता है। मार्गशीर्ष माह में श्री कृष्ण पूजा बहुत ही श्रद्धा से होती है। आज शुक्र के बीज मंत्र का जप करें।श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ धन,धान्य ,आरोग्यता व समृद्धि देगा। भगवान कृष्ण के नाम का जप व संकीर्तन करने से पाप नष्ट होते हैं व आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है । भगवान कृष्ण जी की अनन्य भक्ति व आत्मशक्ति प्राप्त होती है। वैभव लक्ष्मी व्रत पूर्णतया नियम पूर्वक ही रहें।
क्या न करें-पत्नी का अपमान मत करें। पत्नी का सम्मान करने से शुक्र अच्छा प्रभाव देते हैं।
