Aaj Ka Panchang 13 June 2024 (आज का पंचांग 13 जून 2024): ज्येष्ठ महीने की शु्क्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर होगा। आज के दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र होगा। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 58 मिनट से लेकर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस दिन राहुकाल का समय दोपहर 01:30 बजे से सायंकाल 03 बजे तक रहेगा। साउथ दिशा में यात्रा ना करें इस दिशा में दिशा शूल होगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।
Aaj Ka Panchang 13 June 2024 (आज का पंचांग 13 जून 2024)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081माह-ज्येष्ठ ,शुक्ल पक्ष
तिथि-सप्तमी 09:33pm तक फिर अष्टमी
व्रत-श्री विष्णु जी के निमित्त व्रत
दिन-गुरुवार
सूर्योदय-05:24am
सूर्यास्त-07:19 pm
नक्षत्र- पूर्वाफाल्गुनी
चन्द्र राशि- सिंह स्वामी-सूर्य
सूर्य राशि- वृष ,स्वामी -शुक्र
करण-गरज08:23am तक फिर वणिज
योग- वज्र06:07pm तक फिर सिद्धि
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-11:58am से 12:45 pm2विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:27 pm तक
3गोधुली मुहूर्त--06:47 pm से 07:08 pm तक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:15am से 05:09am तक
5अमृत काल-06:06am से 07;57 am तक
6निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:50 से 12:45 तक रात्रि
संध्या पूजन-06:55pm से 07;51pm तक
दिशा शूल -साउथ दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल -दोपहर 01:30 बजे से सायंकाल 03 बजे तकक्या करें-श्री विष्णु जी के निमित्त व उनको समर्पित साप्ताहिक व्रत रहें। श्री कृष्ण उपासना भी करें। मन्दिर में भगवान विष्णु जी का दर्शन व उनके विग्रह की 04 परिक्रमा करें।बृहस्पति के द्रव्य केला व चने की दाल के दान का बहुत महत्व है। आज उपवास फलाहार ही होगा। श्री कृष्ण जी को लड्डू का भोग व बांसुरी अर्पित करें। भगवान विष्णु जी के नाम का भी जप करें। ॐ नमो भगवते वासुदेवायः महामंत्र का निरन्तर मानसिक जप करते रहें।धार्मिक सतसंग करें।किसी भी मंदिर परिसर में पीपल ,आम व बेल का पेड़ लगाएं। आज बजरंग बली जी की उपासना का भी विशेष महत्व है। रोगों से मुक्ति के लिए सुंदरकांड का पाठ करें। शिव मंदिर में गंगा जल व मधु से रुद्राभिषेक भी करवा सकते हैं। गो माता को केला खिलाएं। चिड़ियों को दाना पानी दें। सप्त अन्न,धार्मिक पुस्तकों व फलों का दान करें। विष्णु जी के मंदिर में घण्टा व पीत वस्त्र चढ़ाएं।
क्या न करें-पिता व गुरु की किसी बात की अवज्ञा मत करें।
