Aaj Ka Panchang 13 April 2025: जानें वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशा शूल के बारे में यहां

Aaj Ka Panchang 13 April 2025 (आज का पंचांग 13 अप्रैल 2025): वैशाख माह हिंदू पंचांग में विशेष महत्‍व है। मान्‍यता है क‍ि ये तिथि विशेष व्रत, पूजा और तर्पण कर्मों के लिए उपयुक्त मानी जाती है। कई स्थानों पर इस दिन भगवान विष्णु, भगवान शिव तथा पितरों की आराधना की जाती है। शुभ मुहूर्त, योग और नक्षत्र के अनुसार कार्य प्रारंभ करना इस दिन लाभकारी होता है। ऐसे मे यहां देखें आज का पंचांग।

Aaj Ka Panchang 13 April 2025 (आज का पंचांग 13 अप्रैल 2025): भारतीय संस्कृति में वैशाख माह का विशेष महत्व है। ये माह गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ आता है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत ही शुभ माना जाता है। वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि उस समय को दर्शाती है जब पूर्णिमा के बाद चंद्रमा घटने लगता है। प्रतिपदा तिथि माह के प्रत्येक पक्ष का पहला दिन होता है। इस दिन का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि ये नए संकल्प, व्रत, धार्मिक अनुष्ठान और श्राद्ध कर्म के लिए उपयुक्त मानी जाती है। पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि पर चंद्रमा का प्रभाव और नक्षत्र की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और भगवान शिव की आराधना करने से व्यक्ति को मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ की प्राप्ति होती है। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य अधिक सफल होते हैं, इसलिए पंचांग देखकर दिन की शुरुआत करना लाभदायक होता है। योग, करण, वार और नक्षत्र के संयोग से बनते शुभ-अशुभ प्रभाव जीवन पर सीधा असर डालते हैं। यहां पर पढ़ें 13 अप्रैल 2025 का पंचांग।

Aaj Ka Panchang 13 April 2025

Aaj Ka Panchang 13 April 2025

आज का पंचांग 13 अप्रैल 2025 (Aaj Ka Panchang 13 April 2025)

  • संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2082
  • माह - वैशाख
  • तिथि - प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष
  • पर्व - प्रतिपदा व्रत
  • दिन - रविवार
  • सूर्योदय - 06:01 ए.एम सूर्यास्त - 6:45 पी.एम
  • नक्षत - चित्रा 09:13 पी.एम तक फिर स्वाती
  • चंद्र राशि - कन्या राशि, स्वामी ग्रह - बुध 07:41 ए.एम तक फिर तुला,स्वामी-शुक्र
  • सूर्य राशि - मीन, स्वामी ग्रह-गुरु रात्रि 03 बजकर 30 मिनट के बाद सूर्य मंगल की राशि मेष में प्रवेश करेंगे।
  • करण - बालव 07:08 ए.एम तक फिर कौलव
  • योग - हर्षण 09:41 पी.एम तक फिर वज्र

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