Aaj Ka Panchang 11 March 2025 (आज का पंचांग 11 मार्च 2025): मंगलवार हिंदू धर्म में एक अत्यंत ही पवित्र दिन माना जाता है, जिसका संबंध भगवान हनुमान और मंगल ग्रह से जोड़ा जाता है। धार्मिक दृष्टि से, ये दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान की आराधना के लिए उत्तम माना जाता है। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं और भगवान को लड्डू का भोग लगाकर संकटों से मुक्ति पाने के लिए प्रार्थना करते हैं। ये भी माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति को साहस, शक्ति और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव मिलता है। ज्योतिषीय दृष्टि से मंगल ग्रह को शक्ति, पराक्रम, आत्मविश्वास और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल दोष हो तो उसे इस दिन विशेष पूजा और उपाय करने की सलाह दी जाती है। मंगल ग्रह से जुड़े नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए लोग भगवान हनुमान की पूजा के साथ-साथ लाल वस्त्र धारण करते हैं, मसूर की दाल और गुड़ का दान करते हैं तथा भगवान के मंत्रों का जाप करते हैं। ऐसे में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और तिथि से जुड़े उपायों के बारे में जानने के लिए यहां देखें 11 मार्च 2025 का पंचांग।
Aaj Ka Panchang 11 March 2025
आमलकी एकादशी पारण समय 2025 (Amalaki Ekadashi Paran Time 2025)
11 मार्च को आमलकी एकादशी पारण समय सुबह 06:35 से 08:13 बजे तक रहेगा।
Aaj Ka Panchang 11 March 2025 (आज का पंचांग 11 मार्च 2025)
संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह - फाल्गुन,शुक्ल पक्ष,
तिथि - द्वादशी 08:14 ए.एम तक फिर त्रयोदशी
पर्व - प्रदोष व्रत
दिवस - मंगलवार
सूर्योदय - 06:38 ए.एम सूर्यास्त-6:27 पी.एम
नक्षत्र- आश्लेषा
चन्द्र राशि - कर्क,स्वामी ग्रह -चन्द्रमा
सूर्य राशि - कुंभ,स्वामी ग्रह-शनि
करण - बालव 08:15 ए.एम फिर कौलव
योग - अतिगण्ड 01:37 पी.एम तक फिर सुकर्मा
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत - 11:53 ए.एम से दोपहर 12:44 पी.एम तक
विजय मुहूर्त - 02:25 पी.एम से 03:25 पी.एम तक
गोधुली मुहूर्त - 06:25 पी.एम से 07:21 पी.एम तक
ब्रम्ह मुहूर्त - 4:03 ए.एम से 05:07 ए.एम तक
अमृत काल - 06:03 ए.एम से 07:46 ए.एम तक
निशीथ काल मुहूर्त - रात 11:42 पी.एम से 12:26 पी.एम तक
संध्या पूजन - 06:26 पी.एम से 07:04 पी.एम तक
दिशा शूल - उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त - राहुकाल - सायंकाल 03:00 पी.एम से 04:30 पी.एम तक
क्या करें - आज फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष की द्वादशी है। प्रदोष तिथि आज ही मान्य होगी। आज भगवान शंकर जी को समर्पित यह महाव्रत बहुत ही पुण्यदायी होता है। शिवलिंग की उपासना करें। शिवपुराण का पाठ करें।फलों व अन्न का दान करें। भगवान भोलेनाथ कल्याणकारी फल प्रदान करने वाले हैं। आज सत्य बोलने का पालन करें । शिव परम ब्रम्ह हैं। भगवान शंकर कष्टों को समाप्त करते हैं। आज व्रत,दान व पुण्य का उत्तम फल है। संपूर्ण भक्ति भाव से घर व मंदिर में शिवपुराण का पाठ करें। अन्न दान दें। महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। प्रदोष व्रत जन्म जन्मान्तर के पापों का शमन कर शिव भक्ति प्रदान करता है।
क्या न करें - प्रदोष के दिन किसी व्यक्ति के बारे में गलत चिंतन व पर निंदा से बचें।
