Aaj Ka Panchang: 15 नवंबर 2025, शनिवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि से शुरू होगा, जो 16 नवंबर सुबह 2 बजकर 37 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी। यह दिन मार्गशीर्ष मास का अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष शुभ है। आज उत्पन्ना एकादशी का व्रत है।
आज पूजा का शुभ समय क्या है, इसको आज के पंचांग से जान सकते हैं। आज नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी रात 11 बजकर 34 मिनट तक रहेगा, फिर हस्त नक्षत्र प्रभावी होगा। योग में विष्कम्भ पूरे दिन रहेगा। करण में बव दोपहर 1 बजकर 40 मिनट तक, बालव 16 नवंबर सुबह 2 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। पंचांग के माध्यम से आप दिन के शुभ और अशुभ काल का पता लगा सकते हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 6 बजकर 44 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 27 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा 16 नवंबर सुबह 3 बजकर 8 मिनट पर उदय होगा और दोपहर 2 बजकर 37 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 43 मिनट 43 सेकंड रहेगी, जबकि रात की अवधि 13 घंटे 17 मिनट 4 सेकंड होगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 6 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
आज की तिथि कृष्ण एकादशी 16 नवंबर सुबह 2 बजकर 37 मिनट तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण द्वादशी शुरू होगी। नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी रात 11 बजकर 34 मिनट तक रहेगा, फिर हस्त नक्षत्र लगेगा। उत्तराफाल्गुनी का पहला पाद सुबह 10 बजकर 24 मिनट तक, दूसरा पाद दोपहर 4 बजकर 58 मिनट तक और तीसरा पाद रात 11 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। हस्त नक्षत्र 16 नवंबर सुबह 6 बजकर 12 मिनट तक प्रभावी रहेगा। योग में विष्कम्भ पूरे दिन रहेगा। करण में बव दोपहर 1 बजकर 40 मिनट तक, बालव 16 नवंबर सुबह 2 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा, फिर सिद्धार्थी शुरू होगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष पूर्णिमांत में है, जबकि अमांत में कार्तिक है। प्रविष्टे/गते 30 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्र राशि कन्या में पूरे दिन रहेगी। सूर्य राशि तुला में है और सूर्य विशाखा नक्षत्र में पूरे दिन रहेगा। उत्तराफाल्गुनी और हस्त नक्षत्र सौंदर्य, वैभव और कुशलता की ऊर्जा देंगे।
ऋतु और अयन
ऋतु शरद (वैदिक) और हेमंत (द्रिक) है। अयन दक्षिणायन है। मौसम ठंडा रहेगा, रात में ठंडक और बढ़ जाएगी।
15 नवंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:58 से 5:51 बजे तक (ध्यान और पूजा के लिए उत्तम)
- प्रातः संध्या: सुबह 5:24 से 6:44 बजे तक (स्पिरिचुअल कार्यों के लिए शुभ)
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:44 से दोपहर 12:27 बजे तक (महत्वपूर्ण कार्यों के लिए फेवरेबल)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:53 से 2:36 बजे तक (नए काम शुरू करने के लिए अच्छा)
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:27 से 5:54 बजे तक (पूजा और फैमिली टाइम के लिए शुभ)
- सायाह्न संध्या: शाम 5:27 से 6:47 बजे तक (भक्ति कार्यों के लिए बेस्ट)
- अमृत काल: दोपहर 3:42 से 5:27 बजे तक (शुभ कार्यों के लिए अनुकूल)
- निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 16 नवंबर सुबह 12:33 बजे तक (रात की पूजा के लिए उत्तम)
15 नवंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 9:25 से 10:45 बजे तक (बड़े फैसले या नए काम से बचें)
- यमगण्ड: दोपहर 1:26 से 2:46 बजे तक (जोखिम भरे कामों से बचें)
- गुलिक काल: सुबह 6:44 से 8:04 बजे तक (सावधानी बरतें)
- दुर्मुहूर्त: सुबह 6:44 से 7:27 बजे तक और सुबह 7:27 से 8:10 बजे तक
- बाण: मृत्यु − दोपहर 1:56 बजे तक, अग्नि − दोपहर 1:56 बजे से पूर्ण रात्रि तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में उत्पात रात 11 बजकर 34 मिनट तक रहेगा, फिर मृत्यु शुरू होगा। तमिल योग में मरण रात 11 बजकर 34 मिनट तक रहेगा, फिर मरण शुरू होगा। जीवनम में अर्ध जीवन और नेत्रम में एक नेत्र रात 11 बजकर 34 मिनट तक रहेगा, फिर नेत्रहीन रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति राहु को 11 बजकर 34 मिनट तक दी जाएगी, इसके बाद केतु को दी जाएगी। दिशा शूल पूर्व दिशा में है, इस दिशा में यात्रा से बचें। नक्षत्र शूल उत्तर दिशा में रात 11 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। चंद्र वास दक्षिण में रहेगा। अग्निवास पाताल 16 नवंबर सुबह 2 बजकर 37 मिनट तक, फिर पृथ्वी में रहेगा। राहु वास पूर्व में रहेगा। शिववास कैलाश पर 16 नवंबर सुबह 2 बजकर 37 मिनट तक, फिर नंदी पर रहेगा। कुंभ चक्र तल में रात 11 बजकर 34 मिनट तक, फिर कंठ में रहेगा।
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