खगोलविदों ने TOI-1846b नामक एक सुपर अर्थ की तलाश की है और हमारे ग्रह पृथ्वी से लगभग दोगुना बड़ा और चार गुना ज्यादा भारी है। खगोलविदों का मानना है कि यह ग्रह 7.2 अरब साल पुराना हो सकता है।
खोजे गए नए एक्सोप्लैनेट की दूरी पृथ्वी से लगभग 154 प्रकाश वर्ष है और यह अपने तारे की 3.93 दिनों दिनों में परिक्रमा पूरी कर लेता है जिसका मतलब है कि इस ग्रह पर 4 दिन गुजारने पर पृथ्वी का एक साल पूरा हो जाता
इस ग्रह का सतही तापमान लगभग 295 डिग्री सेल्सियस है जिसका मतलब साफ है कि ऐसे में यहां पर आसमान से आग बरसती हुई प्रतीत हो सकती है और यहां पर रहना असंभव सा है।
विज्ञानी अनुमानों के मुताबिक, TOI-1846b ग्रह पर पानी की मौजूदगी हो सकती है। हालांकि, आधिकारियों पुष्टि के लिए कई परीक्षणों की जरूरत है।
इस साल एक अन्य सुपर अर्थ को भी तलाशा जा चुका है जिसे हम HD 20794 d नाम से जानते हैं, जो पृथ्वी से छह गुना ज्यादा भारी है और इस ग्रह की सतह पर भी पानी की मौजूदगी हो सकती है।
एक्सोप्लैनेट, जिन्हें बाह्यग्रह भी कहा जाता है, हमारे सौरमंडल के बाहर के ग्रहों को कहा जाता है। नाम से ही आधी कहानी साफ हो गई है। आसान भाषा में कहें तो ऐसे ग्रह जिनका हमारे सौरमंडल से कोई लेना देना नहीं है, वो एक्सोप्लैनेट कहलाते हैं।
खगोलविदों ने अब तक 5,000 से ज्यादा एक्सोप्लैनेट की खोज की है और कई एक्सोप्लैनेट की अभी पुष्टि होना बाकी है। हालांकि, पृथ्वी के बाहर जीवन की उम्मीद को लेकर खगोलविद लगातार एक्सोप्लैनेट की तलाश में जुटे रहते हैं।