खार्ग आईलैंड को कभी ईरानी लेखक जलाल अल-ए-अहमद ने फारस की खाड़ी का “अनाथ मोती” कहा था। क्यों कहा था, जाहिक है यह द्वीप तब भी निर्जन की तरह था लेकिन महत्वपूर्ण तब भी था और आज भी। हालांकि आज भी आम आदमी की पहुंच में यह द्वीप नहीं है। प्रतिबंधित है।
खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र है। देश के लगभग 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात यहीं से होता है और हर साल करीब 95 करोड़ बैरल तेल यहां से दुनिया के अलग-अलग देशों को भेजा जाता है। लगभग 8 किलोमीटर लंबा और 4–5 किलोमीटर चौड़ा यह छोटा द्वीप गहरे समुद्र से घिरा है, जिससे बड़े तेल टैंकर आसानी से यहां आकर तेल भर सकते हैं। यहां से भेजा जाने वाला ज्यादातर तेल एशियाई देशों को जाता है, जिसमें चीन सबसे बड़ा खरीदार है।
खार्ग द्वीप ईरान के लिए बेहद रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखता है, इसलिए यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस द्वीप की सुरक्षा मुख्य रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और ईरानी नौसेना संभालती है। पूरे इलाके में सैन्य चौकियां, निगरानी प्रणाली और तटीय रक्षा तैनात रहती है। केवल विशेष अनुमति वाले कर्मचारियों तथा अधिकारियों को ही आने की इजाजत मिलती है।
ईरान के बुशेहर प्रांत में स्थित यह द्वीप केवल 22 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। तेल मिलने से बहुत पहले भी यह द्वीप व्यापार और समुद्री रास्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता था। इतिहास में अलग-अलग समय पर पुर्तगाली और डच ताकतों ने इस पर कब्जा करने की कोशिश की थी। 18वीं सदी में डच ईस्ट इंडिया कंपनी ने यहां एक किला भी बनाया था, लेकिन बाद में स्थानीय शासकों ने उन्हें यहां से बाहर निकाल दिया।
बीसवीं सदी की शुरुआत में रेजा शाह पहलवी ने खार्ग द्वीप का उपयोग राजनीतिक कैदियों के निर्वासन स्थल के रूप में किया था। बाद में 1958 के बाद यहां तेल उद्योग का विकास हुआ और 1960 के दशक में नए तेल भंडार मिलने के बाद यह ईरान का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र बन गया।
खार्ग द्वीप केवल तेल के लिए ही नहीं, बल्कि अपने प्राचीन इतिहास के लिए भी जाना जाता है। यहां जोरास्ट्रियन, ईसाई और सस्सानी काल के कब्रिस्तान व धार्मिक स्थल मिले हैं। साथ ही मीर मोहम्मद की दरगाह, डच किले के अवशेष और प्राचीन शिलालेख भी यहां के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल हैं।
1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान इस द्वीप पर कई बार बमबारी हुई थी। बाद में ईरान ने इसे फिर से विकसित किया। आज भी यह द्वीप बेहद सुरक्षित सैन्य क्षेत्र माना जाता है और यहां आम पर्यटकों को आने की अनुमति नहीं है। फारस की खाड़ी के शांत पानी के बीच स्थित यह छोटा सा द्वीप आज भी ईरान की अर्थव्यवस्था की धड़कन बना हुआ है और दुनिया की ऊर्जा राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।