भोपाल : मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहे बाल विवाह के मामलों को लेकर पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी के बाद से ही हर सरकार का प्रयास रहा है कि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त किया जाए, जिसमें बाल विवाह एक बड़ा मुद्दा रहा है, लेकिन प्रदेश में स्थिति चिंताजनक होती जा रही है।
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जयवर्धन सिंह ने विधानसभा में 2020 से 2025 तक के बाल विवाह के मामलों का विवरण मांगा था। सरकार द्वारा दिए गए आँकड़ों के अनुसार प्रदेश में प्रत्येक वर्ष बाल विवाह के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वर्षवार बाल विवाह के मामले (सरकारी आंकड़े)
- 2020 : 366 मामले
- 2021 : 436 मामले
- 2022 : 519 मामले
- 2023 : 528 मामले
- 2024 : 529 मामले
- 2025 : में 538 मामले
इन आंकड़ों का हवाला देते हुए जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह बढ़ती संख्या इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि प्रदेश में सामाजिक विकास और सामाजिक उत्थान की दिशा में भाजपा सरकार कार्य नही कर रही है । भाजपा सरकार सामाजिक सुधार, शिक्षा और बच्चों के भविष्य पर ध्यान देने में पूर्णतः असफल रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा, डिग्री और रोजगार का अवसर देना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन भाजपा न तो यह कर पा रही है और न ही सामाजिक बुराइयों को रोकने में सफल हो रही है।
महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने जवाब देते हुए कहा बाल विवाह को लेकर पूरी तरह संवेदनशील हैं। लगातार जागरूकता अभियान, प्रचार-प्रसार और निगरानी के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
