विकास दुबे को ढूंढ रही 40 पुलिस थानों की पुलिस, सुराग के लिए ढाई लाख का इनाम भी घोषित

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 6, 2020, 03:06 PM IST

Vikas Yadav absconding: गौरतलब है कि बृहस्पतिवार देर रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू निवासी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था।

विकास दुबे को ढूंढ रही 40 पुलिस थानों की पुलिस, सुराग के लिए ढाई लाख का इनाम भी घोषित

लखनऊ : कुख्यात अपराधी विकास दुबे के घर के बाहर हुये हमले में आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने की घटना के बाद पुलिस ने उस पर ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया है और पूरे प्रदेश के टोल नाकों पर उसका पोस्टर लगाने के लिये भी कहा है। कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने सोमवार को बताया, ‘विकास दुबे पर अब ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। इस आशय का एक प्रस्ताव पुलिस महानिदेशक को भेजा गया था जहां से इनाम की राशि बढ़ाने की मंजूरी मिलने के बाद सोमवार को इनाी रकम बढा दी गयी है।’

सुराग देने वाले की पहचान गुप्त रखेगी पुलिस
अग्रवाल ने बताया, ‘जो व्यक्ति दुबे के बारे में सही जानकारी देगा उसे न केवल इनाम दिया जायेगा बल्कि उसकी पहचान भी गुप्त रखी जायेगी। पूरे प्रदेश के टोल नाको पर दुबे के पोस्टर लगाने के लिये भी कहा गया है ताकि अगर वह किसी टोल नाके से निकलता है तो उसके बारे में जानकारी मिल सके।’ उल्लेखनीय है कि पहले दुबे पर पहले पचास हजार का इनाम था जिसे बाद में बढ़ा कर एक लाख कर दिया गया और अब सोमवार को इसमें इजाफा कर इसे ढाई लाख रुपये कर दिया गया है।

विकास को ढूंढ रही 40 थानों की पुलिस
महानिरीक्षक ने बताया, ‘दुबे को ढूंढने के लिये 40 पुलिस थानों की 25 टीमें लगायी गई हैं जो दिन रात पूरे प्रदेश के विभिन्न जिलों में छापेमारी कर रही है । इसके अलावा कुछ टीमें दूसरे प्रदेशों को भी भेजी गयी है। जल्द ही अच्छी खबर मिलने की उम्मीद है।’ पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस के निगरानी दल की नजरें दुबे के करीबियों के मोबाइल पर लगातार बनी हुयी है और उससे कोई भी नाता रखने वाला हर व्यक्ति पुलिस राडार पर है।

गुरुवार देर रात आठ पुलिसकर्मियों की हत्या
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार देर रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू निवासी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था जिसमें एक क्षेत्राधिकारी एक थानाध्यक्ष समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक घायल है। घटना के बाद से पुलिस को दुबे का कोई सुराग नहीं मिला है।

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