Hotter climate triggering global dengue spike: दुनिया भर में डेंगू अब सिर्फ एक आम मच्छर का काटना नहीं रह गया, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन गया है। WMO (विश्व मौसम संगठन) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 11 साल दुनिया की सबसे गर्म सालों में गिने गए हैं। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे एडीज मच्छरों की संख्या और उनकी एक्टिविटी भी बढ़ रही है। ये मच्छर अब ऊंचाई वाले इलाकों और पहले सुरक्षित माने जाने वाले ठंडे क्षेत्रों तक पहुंच गए हैं। रिपोर्ट साफ कहती है कि जलवायु परिवर्तन सीधे हमारी सेहत पर असर डाल रहा है।
तपती गर्मी में तेजी से बढ़ रहे डेंगू के मरीज (PC- AI)
मौसम और डेंगू का बढ़ता रिश्ता
रिपोर्ट बताती है कि डेंगू अब सबसे तेजी से फैलने वाली मच्छर जनित बीमारी बन गया है। गर्मी से मच्छर जल्दी पनपते हैं और वायरस को शरीर में फैलाते हैं। बीएमसी पब्लिक हेल्थ जर्नल में 2025 में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, तापमान में सिर्फ 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी डेंगू के खतरे को करीब 13% बढ़ा देती है।
गर्मी मच्छरों के लिए बनी मुफीद
गर्म मौसम में मच्छर ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। उनका जीवन चक्र छोटा हो जाता है और वे जल्दी संक्रमित हो जाते हैं। इसका मतलब है कि डेंगू फैलने की रफ्तार पहले से कहीं ज्यादा बढ़ जाती है और अब नई जगहों पर भी लोग इसके शिकार हो सकते हैं।
पहले सुरक्षित इलाकों में भी बढ़ा खतरा
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि पहले जिन इलाकों को डेंगू के लिए सुरक्षित माना जाता था, अब वहां भी खतरा बढ़ गया है। उदाहरण के लिए, 2025 में आइसलैंड में मच्छरों की मौजूदगी देखी गई, जो दिखाता है कि वैश्विक तापमान लगातार बढ़ रहा है और डेंगू का खतरा हर तरफ फैल रहा है।
बारिश, नमी और मच्छरों की संख्या
गर्मी और बढ़ती नमी के चलते खड़े पानी में मच्छर तेजी से पनपते हैं। WHO के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया की लगभग आधी आबादी डेंगू के खतरे में है। यही कारण है कि बारिश और गर्मी के मौसम में सावधानी बेहद जरूरी है।
इंसानों पर बढ़ती गर्मी का असर
डेंगू के अलावा, बढ़ती गर्मी सीधे इंसानों पर भी असर डाल रही है। खेतों, निर्माण स्थलों और बाहर काम करने वाले लोग विशेष रूप से संवेदनशील हैं। गर्मी से थकान, निर्जलीकरण और मानसिक तनाव बढ़ते हैं, और यह स्वास्थ्य और काम करने की क्षमता दोनों पर असर डालता है।
WMO की रिपोर्ट हमें ये साफ संदेश देती है कि डेंगू अब सिर्फ कुछ देशों की समस्या नहीं है। जलवायु परिवर्तन की वजह से यह हर जगह एक गंभीर चुनौती बन गया है। हमें समय रहते सावधानी और स्वास्थ्य जागरूकता अपनानी होगी।
