Why People Do Cheating in Marriage: शादी एक ऐसा रिश्ता है, जो प्यार, विश्वास और वादों पर टिका होता है। इसीलिए इसे हमेशा भरोसे, प्यार और ईमानदारी का रिश्ता कहा जाता है। लेकिन कई बार यह रिश्ता कांच की तरह टूट जाता है। शादी के टूटने की बहुत बड़ी वजह धोखा भी होता है। दरअसल कई बार लोग शादी के बाहर किसी गैर के साथ शारीरिक या फिर भावनात्मक जुड़ाव कर लेते हैं। यह शादी की पहली शर्त विश्वास को चकनाचूर कर देता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है?आखिर क्या वजह है कि कोई इंसान उस रिश्ते से बाहर रास्ता खोजने लगता है, जिसमें उसने साथ निभाने की कसम खाई थी? आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि लोग शादीशुदा जीवन में धोखा क्यों देते हैं।
शादी में एक दूसरे को धोखा क्यों देने लगते हैं कपल्स (Photo: iStoc)
इमोशनल दूरी
कई बार शादी के कुछ साल बाद कपल्स के बीच बातचीत और भावनात्मक जुड़ाव कम होने लगता है। रोजमर्रा की जिम्मेदारियों में प्यार का एहसास फीका पड़ने लगता है। जब पार्टनर को अपनी बात कहने या सुने जाने का मौका नहीं मिलता, तो वह किसी तीसरे इंसान में वो भावनात्मक सहारा ढूंढने लगता है।
रिश्ते में भावनात्मकता की कमी (Photo: iStock)
फितरत
कई बार लोग इसलिए भी धोखा देते हैं कि उनकी फितरत ही वैसी होती है। वह गलती से नहीं बल्कि बाई चॉइस अपने पार्टनर को धोखा देते हैं। इसीलिए हम जब भी किसी से शादी करें तो उसकी इस फितरत को जरूर परखें।
कुछ 'नए' की तलाश
कई लोग धोखा इसलिए देते हैं क्योंकि उन्हें अपनी लाइफ में कुछ नया चाहिए होता है। एक ही रुटीन, एक ही साथी और एक ही दिनचर्या उन्हें उबाऊ लगने लगता है। ऐसे में किसी नए इंसान से बात करना या साथ समय बिताना उन्हें रोमांचक लगता है।
बातचीत कम हो जाना
जब पति-पत्नी खुलकर बात करना बंद कर देते हैं, तो गलतफहमियां बढ़ती हैं। छोटी-छोटी नाराज़गियां मन में जमा होती रहती हैं। फिर पार्टनर किसी और से मन की बात कह देता है और वहीं से शुरू होती है दूरी की दीवार।
शादी के लिए नासूर है धोखा (Photo: iStock)
आत्मसंतुष्टि और अहंकार
कभी-कभी धोखा प्रेम का नहीं, अहंकार का परिणाम होता है। कुछ लोगों को लगता है कि वे किसी भी रिश्ते में अपनी मर्ज़ी से आ-जा सकते हैं। यह सोच धीरे-धीरे वफादारी को खत्म कर देती है।
बदला या उपेक्षा की भावना
अगर किसी को लगता है कि उसका पार्टनर उसे नज़रअंदाज़ कर रहा है या भावनात्मक रूप से चोट पहुंचा रहा है, तो वह बदले की भावना से गलत कदम उठा लेता है। वह सोचने लगता है कि जैसे उसने किया, वैसे मैं भी कर सकता हूं। लेकिन यह सोच खाई को कभी पाटती नहीं है बल्कि उसे और भी गहरा करती है।
आत्मसम्मान या पहचान की तलाश
कई बार इंसान धोखा इसलिए नहीं देता कि वह किसी और से प्यार करता है, बल्कि इसलिए कि उसे लगता है उसकी खुद की अहमियत खत्म हो गई है। कोई और जब उसकी तारीफ करता है या ध्यान देता है, तो वह उसी दिशा में खिंच जाता है।
शादी और धोखा (Photo: iStock)
क्या इसका कोई हल है?
धोखा देना एक ऐसी गलती है जो रिश्ते को तोड़ सकती है। इसे रोकने के लिए जरूरी है कि पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ खुलकर बात करें, समय दें और विश्वास बनाए रखें। अगर कोई समस्या है, तो उसे सुलझाने की कोशिश करें, न कि बाहर की ओर देखें। काउंसलिंग या थैरेपी भी रिश्ते को मजबूत करने में मदद कर सकती है।
