Monsoon Plant Care Tips: मानसून आते ही बगीचे और गमलों में लगे पौधे चहक उठते हैं। बारिश का पानी पौधों के लिए किसी प्राकृतिक अमृत से कम नहीं होता, लेकिन कई लोग इसी मौसम में सबसे बड़ी गलती कर बैठते हैं। ये लोग बिना जरूरत के भी पौधों को रोज पानी देते हैं। नतीजा यह होता है कि पौधों की जड़ें सड़ने लगती हैं और हरे-भरे पौधे भी मुरझाने लगते हैं। इसलिए बारिश के दिनों में पानी देने का सही तरीका जानना बेहद जरूरी है।
मानसून में पौधों को पानी देने से पहले कुछ बातों का जरूर रखें ध्यान (Photo: iStock)
मानसून में कब दें पौधों को पानी?
अगर लगातार बारिश हो रही है तो अधिकांश पौधों को अलग से पानी देने की जरूरत नहीं होती। पानी देने से पहले हमेशा गमले या मिट्टी की नमी जांच लें। अगर मिट्टी गीली है तो पानी बिल्कुल न दें। जब मिट्टी सूखी लगे तभी सिंचाई करें। अगर कई दिनों से बारिश नहीं हुई है और तेज धूप निकल रही है, तब सुबह जल्दी या शाम के समय हल्का पानी देना सबसे अच्छा रहता है।
कब बिल्कुल नहीं देना चाहिए पानी?
- बारिश होने के तुरंत बाद।- जब गमले की मिट्टी पहले से गीली हो।
- अगर गमले की ट्रे में पानी जमा हो।
- लगातार बादल रहे और मिट्टी को सूखने का मौका ही न मिले।
ज्यादा पानी देने से जड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और पौधे धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं।
जल निकासी का रखें खास ध्यान
बरसात में सबसे जरूरी बात है कि गमले में पानी जमा न हो। हर गमले के नीचे ड्रेनेज होल होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके। अगर पानी लंबे समय तक रुका रहेगा तो फफूंद और रूट रॉट जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
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पत्तियों पर नजर रखें
मानसून में नमी बढ़ने से फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। अगर पत्तियों पर सफेद धब्बे, काले निशान या सड़न दिखे तो प्रभावित हिस्से को तुरंत हटा दें। पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे।
इंडोर और आउटडोर पौधों का रखें अलग ध्यान
घर के अंदर रखे पौधों को बाहर के पौधों जितना पानी नहीं चाहिए। उन्हें तभी पानी दें जब उनकी मिट्टी वास्तव में सूख जाए। वहीं खुले में रखे पौधे बारिश से पहले ही पर्याप्त नमी पा लेते हैं।
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कुल मिलाकर बरसात के मौसम में पौधों की देखभाल का सबसे बड़ा नियम है कि मिट्टी देखकर ही पानी दें, आदत से नहीं। सही समय पर सिंचाई, अच्छी जल निकासी और नियमित निगरानी से आपके पौधे पूरे मानसून में हरे-भरे और स्वस्थ बने रहेंगे।
