बाप की बेबसी में बल बनें बेटियां, दहेज देकर हो रही शादी तो जरूर उठाएं आवाज

Dowry Deaths in India: रोज लगभग 16 बेटियां दहेज की बलि चढ़ रही हैं। NCRB के आंकड़ों की मानें तो हर डेढ़ घंटे में एक महिला दहेज हिंसा का शिकार होकर अपनी जान गंवा देती है।

Dowry Deaths in India: नोएडा की दो लड़कियां, ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma Case) और दीपिका नागर। शादी के बाद दोनों ने ही बड़े अरमानों से नई दुनिया में कदम रखा था। नए सपनों की पोटली बांध जब बाबुल के आंगन से विदा हुईं तो घरवालों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि दोनों कफन में लिपटी लौटेंगी। दोनों की ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। एक फांसी के फंदे पर झूलती मिली तो दूसरी छत से गिरकर मृत पाई गई। दोनों ही घटनाएं किसी भी सभ्य समाज के मुंह पर करारा तमाचा हैं।

Dowry  Deaths in India, Twisha Sharma Case

आत्मसम्मान से सौदा ना करें लड़कियां, दहेज के खिलाफ बुलंद करें आवाज (AI Image)

नोएडा की ये दोनों लड़कियां आज उन लाखों बेटियों के दर्द का नाम बन चुकी हैं जो शादी के बाद अपने ही ससुराल में घुट-घुटकर जीती हैं और फिर एक दिन मर जाती हैं या मार दी जाती हैं। दोनों ही मामलों में ऐसी बात सामने आई है कि दहेज के लालच ने दोनों बेटियों से उनकी सांसे छीन लीं।

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