क्या है वैदिक घड़ी जो राममंदिर से लेकर राष्ट्रपति भवन तक बढ़ाएगी शोभा, कैसे बताएगी टाइम और कहां होगा निर्माण

Vedik Ghadi: काशी विश्वनाथ के बाद अब देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों, राम मंदिर और संसद भवन समेत कई प्रमुख स्थलों पर वैदिक घड़ी स्थापित की जाएगी। जानें कैसे समय बताती है ये घड़ी और कहां होगा इसका निर्माण?

Vedik Ghadi: काशी विश्वनाथ मंदिर में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा भेंट की गई विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को मिली लोकप्रियता के बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों, अयोध्या के राम मंदिर, संसद भवन और राषट्र्पति भवन जैसे अन्य प्रमुख धार्मिक व सरकारी स्थलों पर यह विशेष वैदिक घड़ी लगाई जाएगी। यह दुनिया की पहली ऐसी घड़ी है, जो भारतीय पारंपरिक समय गणना पद्धति के अनुसार काम करती है और सूर्योदय से दिन की शुरुआत दर्शाती है। यह घड़ी भारतीय संस्कृति, ज्योतिष और प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का अनूठा प्रयास मानी जा रही है। आइए जानते हैं इस घड़ी (Vikramaditya Vedic Clock) के काम करने का तरीका और कहां होगा निर्माण?

Vedik Ghadi

वैदिक घड़ी

कहां-कहां लगाई जाएगी वैदिक घड़ी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी योजना की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। पहले चरण में देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में वैदिक घड़ियां स्थापित की जाएंगी। काशी विश्वनाथ के बाद अब सोमनाथ और फिर महाकाल मंदिर में इन्हें लगाया जाएगा। इसके बाद अयोध्या के राम मंदिर सहित देश के प्रमुख मंदिरों, संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री कार्यालय में भी ये विशेष घड़ियां पारंपरिक भारतीय समय की जानकारी देंगी।

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