पसीने पर 15 मशहूर शेर: न मैं समझा न आप आए कहीं से, पसीना पोछिए अपनी जबीं से.., दिल जीत लेगी पसीने पर शायरी

पसीने पर चुनिंदा शेर: सूरज की तपिश से निकला पसीना शरीर को भिगो देता है। इसी पसीने पर ना जाने कितने ही शायरों ने अपनी कलम से सजाया है। इन शायरों ने पसीने को अपनी शायरी में इस तरह से इस्तेमाल किया कि पढ़ने-सुनने वाले उसी शायरी में डूब कर रह गए।

पसीने पर शायरी: गर्मियों का मौसम अपनी रफ्तार पकड़ रहा है। धूप चुभने लगी है। कुछ दिनों में लू भी चलने लगेगी। गर्मियों की शुरुआत के साथ ही पसीना भी इंसान के शरीर का जरूरी हिस्सा बन जाता है। सूरज की तपिश से निकला पसीना शरीर को भिगो देता है। इसी पसीने पर ना जाने कितने ही शायरों ने अपनी कलम से सजाया है। इन शायरों ने पसीने को अपनी शायरी में इस तरह से इस्तेमाल किया कि पढ़ने-सुनने वाले उसी शायरी में डूब कर रह गए। आइए पढ़ते हैं पसीने से गढ़े चंद खूबसूरत शेर:

Sweat Shayari

पसीने पर 15 मशहूर शेर

1. रुख़ पर पसीना जिस्म में रअशा जबीं प चीं

End of Feed