क्या हम जरूरत से ज्यादा खरीदने और जरूरत से कम जीने लगे हैं, सोनम वांगचुक और लद्दाख ने सोचने का एक नया मुद्दा दिया है

Sonam Wangchuk Lifestyle Lessons: सोनम वांगचुक के अनशन के बीच एक सवाल हमारी जीवनशैली पर भी उठता है। क्या हम जरूरत से ज्यादा खरीदने और प्रकृति से दूर होने लगे हैं। पढ़िए यह विशेष ओपिनियन।

जर सोचिए... हमारे लिए सुविधाएं तो बहुत बढ़ गई हैं, लेकिन क्या दिल का सुकून भी उतना ही बढ़ा है- क्या यह सवाल मौजूदा समय में पहले से कहीं ज्यादा प्रासंगिक है।

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लद्दाख से सीखें जीने के सबक, सोनम वांगचुक भी कहते हैं यही बात

इन दिनों देश की निगाहें सोनम वांगचुक पर टिकी हैं। लद्दाख से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका अनशन चर्चा में है। टीवी स्टूडियो में बहस हो रही हैं, सोशल मीडिया पर लोग अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। लेकिन इस पूरे शोर के बीच एक बात अक्सर छूट जाती है - उस जीवनशैली की, जिसकी बात सोनम वांगचुक वर्षों से करते आए हैं।

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