Shahrukh Khan Relationship Tips: जब बात प्यार और शादी की आती है, तो बॉलीवुड के 'किंग ऑफ रोमांस' शाहरुख खान की बात को लोग बड़े गौर से सुनते हैं। शाहरुख और गौरी खान का साथ 33 सालों से भी अधिक पुराना है। यह एक ऐसी शादी है जो बॉलीवुड की ग्लैमर भरी चकाचौंध में भी अटूट खड़ी रही। हाल ही में शाहरुख ने एक कार्यक्रम में कहा था कि शादी की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप एक-दूसरे के साथ कितना एडजस्ट कर पाते हैं।
शाहरुख खान से जानें सफल शादी का मूलमंत्र (Photo: SRK Fanpage fb)
शाहरुख का यह बयान सोशल मीडिया पर आते ही चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने इसे एक मैच्योर थिंकिंग माना, तो कुछ ने सवाल उठाया कि क्या शादी सिर्फ समझौतों का नाम है?
हेल्दी एडजस्टमेंट बनाम खुद को खो देना
रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स मानते हैं कि शाहरुख की बात को गलत संदर्भ में नहीं लिया जाना चाहिए। जिस एडजस्टमेंट की वो बात कर रहे हैं, उसका मतलब हेल्दी एडजस्टमेंट से है, न कि अपने आत्मसम्मान को दांव पर लगाने से।
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साथ बढ़ने की चाह
दो अलग-अलग माहौल, सोच और प्राथमिकताओं वाले लोग जब एक छत के नीचे आते हैं, तो मतभेद होना स्वाभाविक है। ऐसे में अपनी जिद छोड़कर पार्टनर की खुशी के लिए थोड़ा झुकना या बीच का रास्ता निकालना ही रिश्ते को मजबूत बनाता है।
बराबरी का प्रयास
एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि समझौता हमेशा दोनों तरफ से होना चाहिए। अगर केवल एक ही पार्टनर हर बार झुक रहा है, तो वह समजौता नहीं बल्कि शोषण बन जाता है, जिससे रिश्ते में घूटन पैदा होने लगती है।
स्पेस और इंडिपेंडेंस भी है जरूरी
गौरी खान ने भी कई साक्षात्कारों में यह माना है कि उनकी शादी के इतने लंबे समय तक टिके रहने की एक बड़ी वजह एक-दूसरे को 'पर्सनल स्पेस' देना है।
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शाहरुख और गौरी दोनों ही अपने-अपने करियर और निजी जिंदगी में स्वतंत्र हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि एक खुशहाल शादी वही है जहां दो लोग एक-दूसरे से जुड़े तो रहें, लेकिन अपनी व्यक्तिगत पहचान न खोएं। जब आप अपने साथी की अलग सोच और फैसलों का सम्मान करते हैं, तो एडजस्टमेंट अपने आप आसान हो जाता है।
शाहरुख खान ने सफल शादी का जो मूलमंत्र दिया है वो यह कहता है कि कोई भी शादी परफेक्ट नहीं होती, उसे परफेक्ट बनाना पड़ता है। समझौता अगर प्यार, सम्मान और बराबरी के साथ किया जाए, तो वह बोझ नहीं लगता बल्कि दो लोगों को हमेशा के लिए एक-दूसरे के करीब ले आता है।
