Relationship: इन बातों पर कभी ना करें मजाक, टूट जाएगा रिश्ता, गांठ बांध लें ये जरूरी सलाह

सबसे पहले हमें समझना होगा कि मजाक दो तरह का होता है – फ्रेंडली और टॉक्सिक। फ्रेंडली मजाक वो है जिसमें कोई दिल पर नहीं लेता। लेकिन टॉक्सिक मजाक वो है जहां एक हंसता है और दूसरा सहता है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि बार-बार के सैर्कैज्म या नेगेटिव कमेंट्स से पार्टनर में इनसिक्योरिटी बढ़ती है।

रिलेशनशिप में हंसी-मजाक करना आम बात है। लेकिन कुछ लोग हर छोटी-बड़ी बात पर ताना मारने, चिढ़ाने या सैर्कैज्म छोड़ने की आदत बना लेते हैं। ऐसे में यही मजाक धीरे-धीरे जहर बन जाता है। शुरुआत में लगता है कि अरे यार, मजाक ही तो है, दिल पर मत लो, लेकिन बार-बार सुनने से पार्टनर सेल्फ रेस्पेक्ट को ठेस पहुंचने लगती है। यही ठेस धीरे-धीरे रिश्ते में दरार डालने का काम करती है। कई बार तो नौबत ऐसी आ जाती है कि बात तलाक तक पहुंच जाती है। अगर आपमें भी मजाक करने की आदत है तो यहां हम आपको बता रहे हैं कि आखिर ये आदत कब खतरनाक बन जाती है और इसे कैसे कंट्रोल करें।

Making fun in Relationship

रिलेशनशिप के लिए जहर बन जाता है ऐसा मजाक (Photo: iStock)

मजाक करने की आदत क्यों बन जाती है मुसीबत?

सबसे पहले हमें समझना होगा कि मजाक दो तरह का होता है – फ्रेंडली और टॉक्सिक। फ्रेंडली मजाक वो है जिसमें कोई दिल पर नहीं लेता। लेकिन टॉक्सिक मजाक वो है जहां एक हंसता है और दूसरा सहता है। मिसाल के तौर पर, अगर आपकी गर्लफ्रेंड ने कोई नया ड्रेस पहना। आपने मजाक करते हुए कह दिया कि तुम कितनी सुंदर जोकर लग रही हो। इस मजाक पर भले आपको हंसी आए लेकिन वो काफी बुरा मान सकती है।

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