शादी में थोड़ा 'गुलाम' बनना भी है जरूरी- मनोविज्ञान से जानिए कितनी सही है राजीव खंडेलवाल की सलाह

मनाोविज्ञान कहता है कि अपने पार्टनर का गुलाम बनने का ये कतई मतलब नहीं होता कि आप पूरी तरह से अपने पार्टनर के कंट्रोल में हो। यहां गुलाम वो है जो रिश्ते की मजबूती के लिए स्वेच्छा से समझौता करे।

Rajeev Khandelwal Relationhip Advice: हम अभी तक सुनते आए हैं कि जोरू का गुलाम होना गलत बात है। लेकिन एक्टर राजीव खंडेलवाल इससे बिल्कुल इत्तेफाक नहीं रखते। वह कहते हैं कि प्यार के रिश्तो में कई बार गुलाम बनना भी जरूरी होता है। वो कहते हैं कि कई बार प्यार को बनाए रखने के लिए अपने अहंकार को पीछे रखकर सोचना पड़ता है। इस अहंकार को पीछे करने को कोई गुलाम कहे तो कहता रहे।

Rajeev Khandelwal Wife

राजीव खंडेलवाल क्यों मानते हैं कि प्यार में गुलाम बनना भी है जरूरी(Photo: Rajeev Khandelwal Insta)

मनाोविज्ञान भी कहता है कि अपने पार्टनर का गुलाम बनने का ये कतई मतलब नहीं होता कि आप पूरी तरह से अपने पार्टनर के कंट्रोल में हो। यहां गुलाम वो है जो रिश्ते की मजबूती के लिए स्वेच्छा से समझौता करे।

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