तोकांजीवरम सिल्क भारत के सबसे प्रतिष्ठित और शाही हैंडलूम कपड़ों में गिना जाता है। कांजीवरम फैब्रिक की साड़ियां तो अपनी शानदार बुनाई, चमकदार रेशम और चौड़े सुनहरे बॉर्डर के कारण यह देश ही नहीं, विदेशों में भी काफी पसंद की जाती है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की सेकंड लेडी को कांजीवरम सिल्क फैब्रिक भेंट किया, जिसके बाद यह खूबसूरत कपड़ा एक बार फिर चर्चा में आ गया।
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लेकिन बाजार में असली के साथ-साथ नकली कांजीवरम कपड़ें भी आसानी से मिल जाती हैं। ऐसे में अगर आप इस पारंपरिक कांजीवरम को खरीदने की सोच रहे हैं, तो कुछ आसान बातों की जानकारी होना जरूरी है। सही पहचान होने पर आप अच्छी क्वालिटी की साड़ी तो कपड़ा चुन सकते हैं और अपने पैसों की सही कीमत भी पा सकते हैं। देखें असली कांजीवरम सिल्क की पहचान कैसे करें।
How to identify Real Kanjeevaram
1. रेशम की चमक होती है अलग
असली कांजीवरम साड़ी शुद्ध रेशम से तैयार की जाती है। इसकी चमक बहुत नेचुरल और बारीक होती है। नकली साड़ी की चमक अक्सर जरूरत से ज्यादा तेज दिखाई देती है।
2. बॉर्डर और पल्लू अलग बुनाई से जुड़े होते हैं
पारंपरिक कांजीवरम साड़ी में बॉर्डर, पल्लू और मुख्य हिस्से को खास तकनीक से अलग-अलग बुनकर मजबूत तरीके से जोड़ा जाता है। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है।
3. साड़ी का वजन थोड़ा ज्यादा होता है
शुद्ध रेशम और जरी के कारण असली कांजीवरम साड़ी सामान्य सिल्क साड़ियों की तुलना में थोड़ी भारी महसूस होती है।
4. जरी की गुणवत्ता जांचें
असली कांजीवरम में अच्छी गुणवत्ता वाली जरी का इस्तेमाल किया जाता है। जरी का रंग आसानी से फीका नहीं पड़ता और उसका काम बेहद बारीक दिखाई देता है।
5. बुनाई में नहीं दिखती ढील
असली हाथ से बुनी कांजीवरम साड़ी की बुनाई काफी मजबूत और साफ होती है। धागे ढीले या उखड़े हुए नजर नहीं आते।
6. सिल्क मार्क टैग देखें
अगर आप किसी भरोसेमंद दुकान से खरीद रहे हैं, तो Silk Mark प्रमाणित टैग जरूर देखें। यह शुद्ध रेशम की पहचान करने में मदद करता है।
असली कांजीवरम सिल्क तैयार करने में काफी मेहनत और समय लगता है। इसलिए इसकी कीमत भी सामान्य साड़ियों से अधिक होती है। अगर कोई बहुत कम दाम में इसे बेच रहा है, तो खरीदने से पहले अच्छी तरह जांच जरूर करें।
