Kiss Shayari in Hindi, Best Shayari on Kiss: चुंबन प्रेम की अभिव्यक्ति का एक ख़ास स्पर्श है। चुंबन को उर्दू में बोसा और अंग्रेजी में Kiss कहा जाता है। चुंबन एक जादुई प्रकिया है जो दिल में उठे ज्वार को शांत करने के साथ ही प्रेम के एहसास को और भी मजबूत बनाती है। यही वो जरिया है, जो आपको अपने साथी के मीठे से स्पर्श का अहसास कराता है। चुंबन कई तरह के होते हैं। एक चुंबन वो भी है जो मां अपनी संतान के माथे पर आशीर्वाद के तौर पर चस्पा करती है तो एक चुंबन वह भी है प्रेमी के होठों पर प्रीति के परिणीति के जाहिर करती है। इस चुंबन पर ना जाने कितने ही शायरों ने एक से बढ़कर एक बेहतरीन नज्में लिखी हैं। आइए पढ़ते हैं बोसे पर लिखे कुछ चुनिंदा शेर:
Best Shayari on Kiss
1. धमका के बोसे लूँगा रुख़-ए-रश्क-ए-माह का
चंदा वसूल होता है साहब दबाव से
- अकबर इलाहाबादी
2. एक बोसे के तलबगार हैं हम
और माँगें तो गुनहगार हैं हम
- अज्ञात
3. बोसा जो तलब मैं ने किया हँस के वो बोले
ये हुस्न की दौलत है लुटाई नहीं जाती
- अज्ञात
Kiss Shayari in Hindi
4. बे-गिनती बोसे लेंगे रुख़-ए-दिल-पसंद के
आशिक़ तिरे पढ़े नहीं इल्म-ए-हिसाब को
- हैदर अली आतिश
5. बे-ख़ुदी में ले लिया बोसा ख़ता कीजे मुआफ़
ये दिल-ए-बेताब की सारी ख़ता थी मैं न था
- मीरज़ा अबुल मुज़फ़्फर ज़फ़र
6. मिल गए थे एक बार उस के जो मेरे लब से लब
'उम्र भर होंटों पे अपने मैं ज़बाँ फेरा किया
- जुरअत क़लंदर बख़्श
7. बोसा-ए-रुख़्सार पर तकरार रहने दीजिए
लीजिए या दीजिए इंकार रहने दीजिए
- हफ़ीज़ जौनपुरी
Kiss Shayari love romantic
8. बोसा देते नहीं और दिल पे है हर लहज़ा निगाह
जी में कहते हैं कि मुफ़्त आए तो माल अच्छा है
- मिर्ज़ा ग़ालिब
9. बोसा जो रुख़ का देते नहीं लब का दीजिए
ये है मसल कि फूल नहीं पंखुड़ी सही
- शेख़ इब्राहीम ज़ौक़
10. दिखा के जुम्बिश-ए-लब ही तमाम कर हम को
न दे जो बोसा तो मुँह से कहीं जवाब तो दे
- मिर्ज़ा ग़ालिब
2 line Kiss Shayari
11. बोसा लिया जो उस लब-ए-शीरीं का मर गए
दी जान हम ने चश्मा-ए-आब-ए-हयात पर
- अमीर मीनाई
12. बोसे बीवी के हँसी बच्चों की आँखें माँ की
क़ैद-ख़ाने में गिरफ़्तार समझिए हम को
- फ़ुज़ैल जाफ़री
13. एक बोसा होंट पर फैला तबस्सुम बन गया
जो हरारत थी मिरी उस के बदन में आ गई
- काविश बद्री
14. बोसे अपने आरिज़-ए-गुलफ़ाम के
ला मुझे दे दे तिरे किस काम के
- मुज़्तर ख़ैराबादी
15. बदन का सारा लहू खिंच के आ गया रुख़ पर
वो एक बोसा हमें दे के सुर्ख़-रू है बहुत
- ज़फ़र इक़बाल
Girlfriend किस लेने की शायरी
16. लजा कर शर्म खा कर मुस्कुरा कर
दिया बोसा मगर मुँह को बना कर
- अज्ञात
बता दें कि चुंबन के माध्य से आप अपने साथी पर अपना पूरा प्यार न्योछावर कर सकते हैं। आप अपने पार्टनर को चुंबन पर लिखे ये बेहतरीन शेर भेज उनसे अपनी मोहब्बत को जवां भी बना सकते हैं।
