इंतज़ार शायरी: माना कि तेरी दीद के काबिल नहीं हूं मैं.., इंतजार के एहसास को सुनहरी शाम बना देंगे ये चुनिंदा शेर

Intezar Shayari (इंतजार शायरी दर्द भरी): इंतजार वह पुल है जो अतीत और भविष्य के बीच लटकता है। न पूरी तरह टूटा, न पूरी तरह जुड़ा। कोई इसे प्रेम मानता है, कोई सजा तो कोई आशा। लेकिन सच यही है कि इंतजार वो इम्तिहान है जिसमें वक्त सवाल नहीं करता, बस जवाब देखता है – हम टिके रहे या थक कर लौट गए।

Intezar Shayari (इंतजार शायरी 2 लाइन): इंतज़ार एक ऐसा एहसास है, जो न बोलता है, न चुप रहता है। यह उस शाम की तरह होती है जो सूरज को जाते हुए देखती है, लेकिन रात के आने से पहले एक दीर्घ मौन ओढ़ लेती है। कभी किसी के लौट आने की उम्मीद, कभी किसी ख्वाब के सच होने की चाह और कभी बस यूं ही बीते लम्हों की दस्तक..हर इंतज़ार में एक अधूरी कविता छिपी होती है। इसी इंतजार को कई शायरों ने अपने शब्दों से जुबां दी है। इन शायरों ने इंतजार पर ऐसे-ऐसे खूबसूरत शेर लिखे हैं कि पढ़ने-सुनने वाले उसी में डूब कर रह जाते हैं। यहां हम आपके लिए इंतजार पर शायरी की दुनिया के बेहद मुकम्मल नामों के कुछ चुनिंदा शेर लेकर आए हैं। इन शायरों की नजर में इंतज़ार में धैर्य है तो बेचैनी भी। आप भी ये शेर पढ़ें और इंतजार के मजे लें:

Intezaar Shayari

Intezar Shayari in Hindi (इंतजार शायरी दो लाइन)

Intezar Shayari in Hindi

1. तेरे आने की क्या उमीद मगर

कैसे कह दूं कि इंतिज़ार नहीं

- फ़िराक़ गोरखपुरी

2. माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं

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