How to handle child's anger: बच्चों का गुस्सा करना और मारपीट करना आम बात है, लेकिन अगर यह व्यवहार लगातार बढ़ रहा है तो माता-पिता को सही दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। यह व्यवहार अक्सर भावनात्मक अभिव्यक्ति की कमी, तनाव या माता-पिता के व्यवहार को देखकर सीखने का परिणाम हो सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए कुछ प्रभावी पैरेंटिंग टिप्स अपनाए जा सकते हैं।
बच्चे के गुस्से पर काबू पाने के 7 तरीके
1. बच्चे के गुस्से का कारण समझें। क्या वह स्कूल में परेशान है, भूखा है या थका हुआ है? उसकी भावनाओं को सुनें और उसे यह बताएं कि आप उसकी परेशानी समझते हैं। उदाहरण के लिए बच्चे से कहें- मुझे पता है तुम्हें गुस्सा आ रहा है, चलो बात करते हैं। यह अप्रोच उसे सुरक्षित महसूस कराएगा।
2. सकारात्मक व्यवहार का उदाहरण बनें। बच्चे माता-पिता को देखकर सीखते हैं। अगर आप गुस्से में चिल्लाते हैं, तो बच्चा भी वही करेगा। शांत रहकर समस्याओं का हल निकालें और बच्चे को भी ऐसा करना सिखाएं।
3. गुस्से को व्यक्त करने का सही तरीका सिखाएं। उसे बताएं कि गुस्सा करना ठीक है, लेकिन मारपीट नहीं। उसे गहरी सांस लेना, तकिया थपथपाना या अपनी भावनाएं शब्दों में कहना सिखाएं।
4. सकारात्मक अनुशासन अपनाएं। मारपीट करने पर सजा देने की बजाय उसे परिणाम समझाएं, जैसे- अगर तुम मारोगे, तो खेलने का समय कम हो जाएगा। साथ ही अच्छे व्यवहार की तारीफ करें।
5. बच्चे को शारीरिक गतिविधियों में व्यस्त रखें। खेल, डांस या दौड़ने से उसकी अतिरिक्त ऊर्जा निकलती है, जिससे गुस्सा कम होता है।
6. स्क्रीन टाइम सीमित करें। हिंसक गेम्स या कार्टून गुस्से को बढ़ा सकते हैं। उसकी जगह रचनात्मक गतिविधियां जैसे ड्राइंग या कहानी सुनाना चुनें।
7. धैर्य रखें। बदलाव में समय लगता है। लगातार प्यार और समझदारी से बच्चे का व्यवहार बदला जा सकता है। अगर समस्या गंभीर हो, तो चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट से सलाह लें।
इन तरीकों से बच्चे का गुस्सा और मारपीट नियंत्रित हो सकता है। उम्मीद करते हैं पेरेंटिंग के ये टिप्स आपके काम आएंगे।
