Rajasthan's Summer Attire: राजस्थान का नाम सुनते ही चिलचिलाती धूप और दूर तक फैले रेगिस्तान आंखों के सामने आ जाते हैं। गर्मियों में तो राजस्थान आग की भट्टी बन जाता है। यहां कई इलाकों में तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। तेज धूप, गर्म हवाएं, हीट वेव और हवा में घुली रेत वहां के लोगों की सबसे बड़ी समस्या बन जाती है। ऐसे मौसम में वहां के लोग अपने पारंपरिक कपड़ों के जरिए खुद को गर्मी और लू से बचाते हैं। राजस्थान की वेशभूषा मौसम के हिसाब से बेहद उपयोगी मानी जाती है।
गर्मी में लगभग पूरा राजस्थान पहना है ऐसा ही कपड़ा (AI Image)
गर्मी में कैसे कपड़े पहनते हैं राजस्थान के पुरुष
राजस्थान के पुरुष आमतौर पर सूती और ढीले कपड़े पहनते हैं। वे धोती, कुर्ता और पगड़ी पहनना पसंद करते हैं। सूती कपड़ा पसीना जल्दी सोख लेता है और शरीर को ठंडक देता है। ढीले कपड़ों से हवा आसानी से शरीर तक पहुंचती रहती है, जिससे गर्मी कम महसूस होती है। खासतौर पर सफेद या हल्के रंग के कपड़े ज्यादा पहने जाते हैं क्योंकि ये धूप को रिफ्लेक्ट कर देते हैं।
राजस्थान की पगड़ी या साफा वहां की पहचान मानी जाती है। यह पगड़ी तेज धूप और लू से बचाव का सबसे असरदार तरीका है। सिर ढका रहने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और हीट स्ट्रोक का खतरा कम होता है। कई बार लोग लंबी पगड़ी को चेहरे और गर्दन पर भी लपेट लेते हैं ताकि गर्म हवा सीधे त्वचा तक न पहुंचे।
गर्मी से बचने के लिए कैसे कपड़े पहनती हैं राजस्थान की महिलाएं
महिलाएं भी गर्मी से बचने के लिए खास तरह के कपड़े पहनती हैं। वे हल्के और ढीले घाघरा-चोली के साथ सूती ओढ़नी का इस्तेमाल करती हैं। ओढ़नी सिर और चेहरे को धूप से बचाती है। राजस्थान के पारंपरिक कपड़ों में चमकीले रंग जरूर होते हैं, लेकिन उनका कपड़ा हल्का और आरामदायक रखा जाता है ताकि गर्मी कम लगे।
रेगिस्तानी इलाकों में लोग पूरे शरीर को ढककर रखना पसंद करते हैं। इससे धूल और तेज धूप दोनों से सुरक्षा मिलती है। कई लोग आंखों को बचाने के लिए कपड़ा या चश्मा भी पहनते हैं। गांवों में आज भी पारंपरिक सूती कपड़ों का इस्तेमाल ज्यादा होता है क्योंकि वे मौसम के हिसाब से सबसे बेहतर माने जाते हैं।
राजस्थान के लोगों का यह पहनावा सदियों से चला आ रहा है। वहां पड़ने वाली गर्मी को देखते हुए सदियों से ऐसे ही कपड़े पहने जाते आ रहे हैं।
