Heart Attacks in Winters: देश के कई हिस्सों में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। उत्तर भारत में शीत लहर चल रही है। वहीं, मैदानी इलाकों ने कोहरे की तो पहाड़ी राज्यों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। ठंड का मौसम अपने साथ कई बीमारियां भी लेकर आता है। इस दौरान हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा पहले से काफी ज्यादा बढ़ जाता है। उत्तर प्रदेश के कानपुर के अस्पताल में एक ही दिन में 723 दिल के मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें 40 से अधिक का हालत गंभीर बताई जा रही है।
Heart Attack
डॉक्टर्स के मुताबिक ठंड के मौसम में अचानक से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इससे दिमाग की नसों में खून का थक्का जम जाता है। इ कारण हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। ठंड के मौसम में ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती है। इस कारण वह सख्त बन जाती है। नसों को गर्म और एक्टिव करने के लिए खून का फ्लो बढ़ जाता है। इसका नतीजा ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर यदि ज्यादा बढ़ जाता है तो इससे हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है।
शुगर लेवल हो जाता है कम
ठंड में शरीर की एक्टिविटीज धीमी हो जाती है। इसका नतीजा होता है कि ब्लड प्रेशर और शुगर का लेवल कम हो जाता है। सुबह उठने से पहले शरीर का ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम बीपी और शुगर को नॉर्मल लेवल में लाने का काम करता है। हालांकि, ठंड के दिनों में इसे ज्यादा मेहनत करनी होती है। इस कारण हार्ट की बीमारी का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। ठंड के मौसम में यदि आप रोजाना 30 से 40 मिनट तक वॉक कर रहे हैं तो आपके दिल की सेहत बेहद अच्छी रहेगी। इससे हार्ट अटैक का खतरा भी कम होगा।
ये चीजें हो सकती है खतरनाक
ठंड के मौसम में शराब का अत्यधिक सेवन खतरनाक हो सकता है। इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल से बाहर हो सकता है। इससे हार्ट अटैक का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। वहीं, वजन बढ़ना भी दिल की सेहत के लिए बेहद हानिकारक होता है। मोटापा अपने साथ दिल की बीमारियां लेकर आता है। ऐसे में सर्दियों को खानपान का ख्याल रखें। वहीं, जितना हो सके डाइट में पोषक तत्वों को जरूर शामिल करना चाहिए।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता।)
