Hariyali Shayari in Hindi: हरियाली- यह ऐसा शब्द है जिसे सुनकर एक अलग सा सुकून मिलता है। मन हरा हो जाता है। शरीर की थकान दूर होने लगती है। हरियाली शब्द अपने आप में ना जाने कितने ही भावों को समेटे हुए है। हरियाली बस खुशहाली का प्रतीक नहीं है। यह नए जीवन का भी संकेत है। जब पेड़ों पर हरे पत्ते फूटते हैं, खेतों में धान की फसल लहलहाती है तो मानो प्रकृति खुद इस सृष्टि का श्रृंगार कर रही है। इसी हरियाली पर कई शायरों ने बेहद खूबसूरत शेर लिखे हैं। आइए पढते हैं हरियाली पर लिखे चंद मशहूर शेर:
हरियाली शायरी हिंदी में (Photo: Pexels)
तू ही फूल सितारा सावन हरियाली
और कभी तू नागा-साकी या अल्लाह
- निदा फ़ाज़ली
ग़ुंचों पे अजब शादाबी है और जाग उठी है हरियाली
तम्हीद बहार-ए-ताज़ा का दीदार ये पहली बारिश है
- सुहैल काकोरवी
फिर 'मुमताज़' किसी की यादें कूजें बन कर लौटेंगी
मौसम आने वाला है फिर ज़ख़्मों की हरियाली का
- मुमताज़ गुर्मानी
भारत की गुलज़ारों को सरसब्ज़ बनाती जाती हैं
खेतों को हरियाली देती फूल खिलाती जाती हैं
- हामिदुल्लाह अफ़सर
राख हुई जाती है सारी हरियाली
आंखों में जंगल सा जलता रहता है
- अज़हर इक़बाल
क्या क्या मची हैं यारो बरसात की बहारें
जंगल सब अपने तन पर हरियाली सज रहे हैं
- नज़ीर अकबराबादी
इस धरती पर हरियाली की जोत जगा
काले मेघा पानी दे गर्दानी दे
- ज़ेब ग़ौरी
आंखों आंखों हरियाली के ख़्वाब दिखाई देने लगे
हम ऐसे कई जागने वाले नींद हुए सहराओं की
- जमाल एहसानी
दिल की ज़मीं तक रौशनियां थीं, चेहरे थे, हरियाली थी
अब तो जहां भी साहिल पाना कश्ती को ठहरा देना
- इरफ़ान सिद्दीक़ी
हरियाली को आंखें तरसें बगिया लहूलुहान
प्यार के गीत सुनाऊं किस को शहर हुए वीरान
- हबीब जालिब
