Guru Purnima 2023: इस साल भारत (India) में श्रद्धालु 3 जुलाई 2023 को गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima 2023) मनाने जा रहे हैं। योगिक परंपरा में ये दिन भगवान शिव से सप्तऋषियों को मिली योग की दीक्षा का प्रतीक है, जिन्होंने इस ज्ञान को पूरी मानवता के साथ साझा किया। गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) परंपरागत रूप से अपने आध्यात्मिक गुरु के प्रति आभार प्रकट करने के दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारतीय सांस्कृतिक परंपराएं खूबसूरत गुरु-शिष्य परंपरा की कहानियों से भरी हुई हैं। शिष्य अपने गुरु के प्रति आभार के प्रतीक रूप में गुरु दक्षिणा भी अर्पित करते हैं। लेकिन अपने गुरु को सबसे अच्छा उपहार क्या दिया जा सकता है, इसी जिज्ञासा के साथ जब एक साधक ने सद्गुरु (Sadhguru) से सवाल किया तब उन्होंने इसका शानदार जवाब दिया।
Guru Purnima 2023: गुरु पूर्णिमा परअपने गुरु को क्या गिफ्ट दें?
सद्गुरु कहते हैं, 'अगर आपको अपने गुरु के लिए कुछ करने की इच्छा होती है, तो सबसे अच्छी चीज जो आप कर सकते हैं, वह है - अपनी बकवास को छोड़ दें। आप आगे बढ़ें और अपनी परम संभावना तक पहुंचें।'
सद्गुरु आगे कहते हैं कि किसी के लिए सबसे अच्छा गिफ्ट वह है जो उन्हें चाहिए, ना कि जो आप चाहते हैं। साधकों को फूलों का बगीचा और गुरु को एक माली के रूप में संबोधित करते हुए कहा उन्होंने समझाया, 'एक माली के लिए सबसे अच्छा गिफ्ट ये होगा कि उसका बगीचा खिल जाए। मैंने जिन लोगों को अपने बगीचे में जगह दी है और फिर भी अगर वह नहीं खिलते तो इस बात से मुझे डर लगता है।'
बकवास छोड़ने के मतलब पर प्रकाश डालते हुए सद्गुरु ने बताया कि लोग ज्यादातर समय जीवन और प्रकृति की विशालता को छोड़कर अपने मन की बकबक और छोटे-छोटे मुद्दों में खोए रहते हैं। इंसान अपने पुराने कर्मों के आधार पर बंधे हुए निश्चित पैटर्न के अनुसार व्यवहार करते हैं जबकि उन्हें पूरी तरह एक जागरुक सचेतन प्राणी होना चाहिए।
सद्गुरु वीडियो के अंत में जोर देते हुए कहते हैं, 'यह मत सोचिए कि आपके पास हफ्ते, महीने, साल या दशकों का समय है क्योंकि कल सुबह तक भी आपकी या मेरी मृत्यु हो सकती है। एक-एक क्षण पर ध्यान दें क्योंकि जीवन इन्हीं क्षणों में होता है।'
सद्गुरु के इस जवाब ने कई लोगों को अंदर तक छू लिया और अब यह वीडियो 2.4 लाख लोगों द्वारा देखा जा चुका हैं। एक यूट्यूब यूजर ने कमेंट में लिखा, 'सवाल इतने हल्के भाव से पूछा गया लेकिन जवाब इतना सटीक और गहरा है कि मानो मेरे लिए ही दिया गया है। हर कोई यही महसूस कर रहा होगा।'
बता दें कि 3 जुलाई 2023 यानी गुरु पूर्णिमा को रात 9:30 बजे सद्गुरु के साथ लाइव सत्संग में जुड़ सकते हैं। ये लाइवस्ट्रीम अंग्रेजी, तमिल, हिंदी, तेलुगु, कन्नड़, बांग्ला, मराठी, मलयालम और गुजराती समेत कई भाषाओं में उपलब्ध होगा।
