कैंसर दवाओं पर GST घटा, तंबाकू पर बढ़ा टैक्स, AIIMS रिसर्च ने बताया पब्लिक हेल्थ को होने वाला फायदा

एम्स के अध्ययन में सामने आया है कि कैंसर दवाओं पर जीएसटी हटाना और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाना भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अहम कदम हैं। इससे कैंसर इलाज सस्ता हुआ है, मरीजों का जेब से खर्च कम हुआ है और तंबाकू सेवन पर रोक लगेगी, जिससे कैंसर के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज आज भी आम आदमी के लिए सबसे बड़ा आर्थिक बोझ माना जाता है। ऐसे में सरकार द्वारा जीवनरक्षक कैंसर दवाओं पर जीएसटी हटाना और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाना सिर्फ आर्थिक फैसला नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक मजबूत कदम है। एम्स के नए अध्ययन ने साफ किया है कि ये फैसले इलाज को सुलभ बनाने के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।

बजट से पब्लिक हेल्थ को होने वाला फायदा

बजट से पब्लिक हेल्थ को होने वाला फायदा

जीएसटी में कटौती से कैंसर इलाज हुआ किफायती

एम्स के ऑन्कोलॉजिस्ट्स द्वारा किए गए अध्ययन के मुताबिक, जीएसटी परिषद ने अपनी 56वीं बैठक में 33 जीवनरक्षक दवाओं को पूरी तरह टैक्स-मुक्त करने की सिफारिश की थी। इनमें कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई अहम दवाएं शामिल हैं, जिन पर पहले 12 प्रतिशत या 5 प्रतिशत जीएसटी लगता था। टैक्स हटने से इन दवाओं की कीमत कम हुई है, जिससे मरीजों और उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव घटा है।

End of Feed