ऑफिस नहीं बर्नआउट से भाग रही है Gen Z, ऐसी जगहों पर तलाश रही सुकून

पुरानी पीढ़ियों के लिए नौकरी का मतलब था चुपचाप काम करना। Gen Z नियम को बदल रही है। उसके लिए मेंटल पीस भी उतना ही जरूरी है, जितना मंथली सैलेरी।

कभी सिनेमा हॉल, कभी मॉल का ट्रायल रूम तो कभी ऑफिस के खाली पड़े सोफे। ये तीनों जगहें एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं, लेकिन आज की एक पीढ़ी ने इन्हें एक धागे से जोड़ दिया है। आराम के लिए। रोने के लिए। कुछ मिनट सो लेने के लिए।

Genz Mental Peace Office break

क्यों काम से ब्रेक लेकर सोने में नहीं झिझक रही जेन Z (Photo: iStock)

हाल ही में सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें ऑफिस जाने वाली Gen Z पीढ़ी काम के दबाव से कुछ वक्त चुरा झपकी लेते दिखाई देते हैं। कोई ऑफिस के वेटिंग एरिया में लगे खाली सोफे पर झपकी ले लेता है तो कोई रेस्ट रूम में जाकर कुछ देर अकेला बैठ जाता है। कोई कार पार्किंग में खड़ी अपनी कार में आंखें बंद कर लेता है तो कोई कैंटीन में सुस्ताता दिख जाता है।

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