gadha dahi jamane ka tarika: घर का ताजा दही (Dahi) सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि भारतीय रसोई की पहचान भी माना जाता है। पर अक्सर ऐसा होता है कि दही जमने के बाद उसके ऊपर पानी जैसा तरल दिखने लगता है। कई लोग इसे खराब दही समझ लेते हैं या फिर सोचते हैं कि दही सही नहीं जमा। जबकि असल में यह एक सामान्य प्रक्रिया है। फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ छोटी गलतियां दही को पतला और ढीला बना देती हैं। अगर सही तरीका अपनाया जाए, तो घर पर भी बाजार जैसा गाढ़ा, मलाईदार और क्रीमी दही आसानी से जमाया जा सकता है।
गाढ़ा दही जमाने का तरीका, क्यों आ जाता है इस पर पानी
दही जमाते समय इस पर पानी क्यों आता है
दही के ऊपर जो पारदर्शी पानी दिखाई देता है, उसे आम भाषा में पानी कहा जाता है, लेकिन यह असल में ‘व्हे’ होता है। यह दूध के फर्मेंटेशन के दौरान बनने वाला एक तरह का प्रोटीन युक्त तरल है। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, इसलिए इसे फेंकना नहीं चाहिए। हालांकि अगर दही बार-बार ज्यादा पानी छोड़ रहा है, तो इसका मतलब है कि दही जमाने की प्रक्रिया में कहीं न कहीं गड़बड़ी हो रही है।
गाढ़ा दही जमाने के लिए कौन से दूध का प्रयोग करें
अगर आप चाहते हैं कि दही बिल्कुल बाजार जैसा जमे, तो दूध के चुनाव पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। फुल-फैट दूध में मलाई और फैट ज्यादा होता है, जिससे दही की बनावट बेहतर बनती है। वहीं टोंड या स्किम्ड दूध में फैट कम होने के कारण दही ढीला और पतला हो सकता है। दूध को अच्छी तरह उबालना और उसकी मलाई को न हटाना भी जरूरी है। पुराने समय में घरों में जो गाढ़ा दही जमता था, उसकी सबसे बड़ी वजह यही मलाईदार दूध हुआ करता था।
गाढ़ा दही जमाने के लिए कितना जामन डालें
कई लोग सोचते हैं कि ज्यादा जामन डालने से दही जल्दी और अच्छा जमता है, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती होती है। जरूरत से ज्यादा जामन डालने पर दही जल्दी खट्टा होने लगता है और उसमें पानी भी निकल आता है। करीब आधा लीटर दूध के लिए सिर्फ एक चौथाई से आधा चम्मच जामन काफी होता है। जामन डालने के बाद दूध को धीरे-धीरे अच्छे से मिलाना चाहिए, ताकि बैक्टीरिया पूरे दूध में बराबर फैल जाएं और दही स्मूद तरीके से जमे।
दही जमाते समय दूध कितना गर्म होना चाहिए
दही जमाने के लिए सही तापमान बेहद जरूरी होता है। बहुत गर्म दूध में जामन डालने से उसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया खत्म हो सकते हैं, जबकि ज्यादा ठंडा दूध दही को सही तरीके से जमने नहीं देता। दूध इतना गुनगुना होना चाहिए कि उंगली डालने पर हल्की गर्माहट महसूस हो, लेकिन जलन न हो। यही दही जमाने का सही तापमान माना जाता है।
सर्दियों में अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि दही ठीक से नहीं जमता। ऐसे में दही के बर्तन को किसी गर्म जगह पर रखना चाहिए। बंद माइक्रोवेव, ओवन या मोटे कपड़े में लपेटकर रखने से दही बेहतर तरीके से जमता है।
दही जमने के बाद इसे कब चेक करना चाहिए
एक और आम गलती लोग यह करते हैं कि दही जमते समय बार-बार बर्तन खोलकर देखने लगते हैं। इससे दही की सेटिंग खराब हो सकती है और ऊपर पानी निकलने लगता है। दही को एक बार सेट होने के लिए रख दें, फिर उसे बिना हिलाए तय समय तक रहने दें। इससे दही ज्यादा क्रीमी और गाढ़ा बनता है।
छोटे टिप्स, लेकिन बड़ा फर्क
दही जमाना कोई मुश्किल काम नहीं है, लेकिन इसमें थोड़ी समझ और सही तरीका जरूरी होता है। सही दूध, सही तापमान और सही मात्रा में जामन - बस यही तीन चीजें दही की क्वालिटी तय करती हैं। अगली बार अगर आपके दही के ऊपर पानी आए, तो उसे खराब समझने के बजाय इन छोटी बातों पर ध्यान दीजिए। हो सकता है आपकी एक छोटी गलती ही दही का पूरा स्वाद बिगाड़ रही हो।
यह लेख मूल रूप से गौरंगी (Gaurangi) द्वारा लिखा गया है, वह टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बतौर इंटर्न जुड़ी हुई हैं।
