एक समय था जब Temple Jewellery का नाम सुनते ही दिमाग में दुल्हन का भारी-भरकम लुक या किसी बड़े फैमिली फंक्शन की तस्वीर उभर आती थी। शादी के बाद ये गहने अक्सर अलमारी के लॉकर में सालों तक रखे रहते थे। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। आज टेम्पल ज्वेलरी सिर्फ ब्राइडल कलेक्शन का हिस्सा नहीं, बल्कि एथनिक फैशन की सबसे बड़ी वापसी बन चुकी है।
टाइम्स नाऊ नवभारत पर यह भी पढ़ें - सादगी में बसती थी अंगूरी भाभी की खूबसूरती, Shilpa Shinde का देसी लुक कैसे बना सुपरहिट
हाल ही में साई पल्लवी ने रामायण: पार्ट 1 के ट्रेलर लॉन्च में गोल्डन सिल्क साड़ी के साथ क्लासिक टेम्पल ज्वेलरी पहनकर यह साबित कर दिया कि इन गहनों को खूबसूरत दिखने के लिए शादी का इंतजार नहीं करना पड़ता। उनका लुक सादगी और शाही अंदाज का ऐसा मेल था, जिसने एक बार फिर इस पारंपरिक ज्वेलरी को चर्चा में ला दिया।
आखिर क्या होती है टेम्पल ज्वेलरी?
टेम्पल ज्वेलरी की शुरुआत साउथ इंडिया के मंदिरों से मानी जाती है। पहले इसे देवी-देवताओं की मूर्तियों को सजाने के लिए बनाया जाता था। बाद में भरतनाट्यम जैसी शास्त्रीय नृत्य शैलियों और फिर दुल्हनों के श्रृंगार का यह अहम हिस्सा बन गई। इसकी सबसे बड़ी पहचान होती है लक्ष्मी, कमल, मोर, हाथी और मंदिरों से प्रेरित नक्काशीदार डिज़ाइन।
अब सिर्फ शादी तक सीमित नहीं रहा इसका सफर
आज की नई पीढ़ी पारंपरिक चीजों को नए तरीके से अपनाना पसंद करती है। यही वजह है कि अब टेम्पल ज्वेलरी सिर्फ शादी या रिसेप्शन तक सीमित नहीं है। ट्रेलर लॉन्च, अवॉर्ड शो, फेस्टिवल, फैमिली फंक्शन और यहां तक कि फोटोशूट में भी यह आसानी से नजर आने लगी है।
जाह्नवी कपूर, नयनतारा, श्रद्धा कपूर और साई पल्लवी जैसी कई अभिनेत्रियां समय-समय पर इसे अलग-अलग आउटफिट्स के साथ स्टाइल करती दिखाई देती हैं। इससे यह साफ हो गया है कि यह ज्वेलरी अब सिर्फ ब्राइडल नहीं, बल्कि स्टाइल स्टेटमेंट बन चुकी है।
पूरा सेट पहनना जरूरी नहीं
इस ट्रेंड की सबसे दिलचस्प बात यह है कि अब लोग पूरे भारी सेट की जगह एक या दो स्टेटमेंट पीस चुन रहे हैं। जैसे सिर्फ टेम्पल चोकर, बड़े झुमके, कमरबंद या मांगटीका। इससे लुक पारंपरिक भी रहता है और ओवरड्रेस्ड भी नहीं लगता। यही वजह है कि अब महिलाएं इसे सिल्क साड़ी के अलावा कॉटन साड़ी, अनारकली, इंडो-वेस्टर्न और यहां तक कि सिंपल कुर्ते के साथ भी पहन रही हैं।
हेरिटेज को रोजमर्रा के फैशन में जगह मिल रही है
फैशन की सबसे खूबसूरत बात यही है कि वह पुरानी चीजों को नए नजरिए से देखने का मौका देता है। पिछले कुछ वर्षों में हैंडलूम साड़ियां, बनारसी वीव और पारंपरिक शिल्प फिर से लोकप्रिय हुए हैं। टेम्पल ज्वेलरी भी उसी बदलाव का हिस्सा है। लोग अब ऐसे गहने चुन रहे हैं जिनके पीछे सिर्फ चमक नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक कहानी भी हो।
अगर आप भी ट्राई करना चाहती हैं...
अगर पहली बार टेम्पल ज्वेलरी पहन रही हैं, तो शुरुआत छोटे झुमकों या हल्के चोकर से करें। इसके साथ सादी सिल्क या कॉटन साड़ी, साफ-सुथरा जूड़ा, गजरा और छोटी बिंदी पूरे लुक को बेहद एलिगेंट बना सकते हैं। ध्यान रखें कि अगर ज्वेलरी भारी हो, तो मेकअप और बाकी एक्सेसरीज हल्की रखें।
