भारत की मिठाई नहीं है फालूदा, स्वाद पर नाम दिया गया था जिगरठंडा, कटोरी भर भर खाते थे मुगल शासक, पढ़ लें इस मीठे का स्वादिष्ट इतिहास

Faluda Origin and History: भारत में फालूदा मिठाई कहां से आई और इसका इतिहास क्‍या है, इस बारे में शायद ही कोई जानता होगा। अगर आपको फालूदा पसंद है तो चलिए हम आपको बताते हैं इसका पूरा इतिहास और ये भी बताएंगे कि दुनियाभर में यह कहां-कहां किस नाम से जानी जाती है।

Origin and History of Falooda Ice Cream: सदियों से भारत की खूबसूरती और विविधता विदेशियों को अपनी ओर आकर्षित करती रही है। चाहे संपन्नता हो, संसकृति हो, प्राकृतिक खूबसूरती हो या फिर यहां का खान-पान, हर मामले में भारत ने दुनियाभर पर अपना जलवा बिखेरा है। बात खान-पान की करें तो यहां जितनी आबादी है उसी के अनुपात में ढेर सारे स्वादिष्ट व्यंजन भी हैं। हम भारतीय मिठाई के भी बड़े शौकीन हैं। मौका अगर खुशी का हो तो फिर बिना मिठाई खुशी अधूरी सी लगती है। इसी कारण यहां कई तरह की स्वादिष्ट मिठाइयां बनती हैं। ऐसी ही एक स्वीट डिश है फालूदा। गर्मियों में फालूदा आइसक्रीम खूब खाई जाती है। आपको देश के हर राज्य में फालूदा कुल्फी मिल जाएगी। लेकिन क्या आप जानते हैं यह फालूदा एक मिठाई के तौर पर सदियों से खाई जाती रही है। भारत में फालूदा मिठाई कहां से आई और इसका इतिहास क्‍या है, इस बारे में शायद ही कोई जानता होगा। अगर आपको फालूदा पसंद है तो चलिए हम आपको बताते हैं इसका पूरा इतिहास और ये भी बताएंगे कि दुनियाभर में यह कहां-कहां किस नाम से जानी जाती है।

History of Falooda

Origin and History of Falooda ( भारत में फालूदा का इतिहास)

Source: Social Media

फालूदा का इतिहास (History Of Falooda)

आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में बड़े चाव से खाया जाने वाला फालूदा भारतीय है ही नहीं। इसके तार ईरान से जुड़े हैं। दरअसल 400 ईसा पूर्व में ईरान में इस मिठाई को खास मौकों पर खाया जाता था। ईरानी इसे फालूदेह कहते थे। पारसियों के बड़े त्योहार जमशेदजी नवरोज के मौके पर फालूदेह जरूर खाया और खिलाया जाता था। इसे बनाने के लिए वर्मीसेली, नूडल्‍स, गुलाब जल और चाशनी का प्रयोग किया जाता था। फालूदेह ईरान वालों के लिए शाही मिठाई थी। ईरान की यह मिठाई करीब 450 साल पहले भारत आई थी।

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