Patriotic Shayari in Hindi (देशभक्ति शायरी), Shaheed Diwas 2025: 23 मार्च 1931, भारतीय इतिहास का वह दिन है जिसे ना तो कोई हिंदुस्तानी भूल सकता है और ना ही कोई अंग्रेज। यह वह तारीख है जिस दिन भारत मां के तीन जांबाज सपूतों ने अपनी जान देकर भारत में ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी। जी हां, इसी तारीख पर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। देश के इन सच्चे सपूतों में हंसते-हंसते मादर-ए-वतन के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिये थे। दरअसल देशभक्ति ऐसा जज्बा है कि फिर किसी को कुछ सूझता ही नहीं है। इसी देशप्रेम पर दुनियाभर के शायरों ने कई बेहतरीन नगमें लिखे हैं। आइए पढ़ते हैं देशभक्ति और वतन से मोहब्ब पर लिखे कुछ बेहतरीन शेर:
Shaheed Diwas Patriotic Shayari
Patriotic Shayari for Shaheed Diwas | Desh Bhakti Shayari in Hindi
1. वतन के जाँ-निसार हैं वतन के काम आएँगे
हम इस ज़मीं को एक रोज़ आसमाँ बनाएँगे
- जाफ़र मलीहाबादी
2. इसी जगह इसी दिन तो हुआ था ये एलान
अँधेरे हार गए ज़िंदाबाद हिन्दोस्तान
- जावेद अख़्तर
3. दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त
मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी
- लाल चन्द फ़लक
4. सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा
हम बुलबुलें हैं इस की ये गुलसिताँ हमारा
- अल्लामा इक़बाल
5. लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है
उछल रहा है ज़माने में नाम-ए-आज़ादी
- फ़िराक़ गोरखपुरी
6. वतन की ख़ाक से मर कर भी हम को उन्स बाक़ी है
मज़ा दामान-ए-मादर का है इस मिट्टी के दामन में
- चकबस्त बृज नारायण
7. वतन की रेत ज़रा एड़ियाँ रगड़ने दे
मुझे यक़ीं है कि पानी यहीं से निकलेगा
- मुज़फ़्फ़र वारसी
8. किस काम के हैं ये दीन-धर्म जो शर्म का दामन चाक करें
किस तरह के हैं ये देश-भगत जो बस्ते घरों को ख़ाक करें
- साहिर लुधियानवी
9. ये कह रही है इशारों में गर्दिश-ए-गर्दूं
कि जल्द हम कोई सख़्त इंक़लाब देखेंगे
- अहमक़ फफूँदवी
10. उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
जिस मुल्क की सरहद की निगहबान हैं आँखें
- अज्ञात
11. हम भी तिरे बेटे हैं ज़रा देख हमें भी
ऐ ख़ाक-ए-वतन तुझ से शिकायत नहीं करते
- खुर्शीद अकबर
12. नाम ले कर देश-भक्ति का जो ख़ूँ-रेज़ी करे
कैसी साज़िश कैसी नफ़रत उस दिल-ए-क़ातिल में है
- अख़्तर हुसैन शाफ़ी
13. दुख में सुख में हर हालत में भारत दिल का सहारा है
भारत प्यारा देश हमारा सब देशों से प्यारा है
- हामिदुल्लाह अफ़सर
14. नाक़ूस से ग़रज़ है न मतलब अज़ाँ से है
मुझ को अगर है इश्क़ तो हिन्दोस्ताँ से है
- ज़फ़र अली ख़ाँ
15. दिलों में हुब्ब-ए-वतन है अगर तो एक रहो
निखारना ये चमन है अगर तो एक रहो
- जाफ़र मलीहाबादी
16. भारत के ऐ सपूतो हिम्मत दिखाए जाओ
दुनिया के दिल पे अपना सिक्का बिठाए जाओ
- लाल चन्द फ़लक
17. है मोहब्बत इस वतन से अपनी मिट्टी से हमें
इस लिए अपना करेंगे जान-ओ-तन क़ुर्बान हम
- अज्ञात
18. ज़मीं पर घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं
हमारी ख़ुश-नसीबी है कि हम भारत में रहते हैं
- महशर आफ़रीदी
19. मैं ने आँखों में जला रखा है आज़ादी का तेल
मत अंधेरों से डरा रख कि मैं जो हूँ सो हूँ
- अनीस अंसारी
20. बे-ज़ार हैं जो जज़्बा-ए-हुब्ब-उल-वतनी से
वो लोग किसी से भी मोहब्बत नहीं करते
- अज्ञात
21. कारवाँ जिन का लुटा राह में आज़ादी की
क़ौम का मुल्क का उन दर्द के मारों को सलाम
- बनो ताहिरा सईद
उम्मीद है वतन से इश्क के एहसास में डूबे मशहूर शायरों के ये जबरदस्त शेर आपको जरूर पसंद आए होंगे। आज शहीद दिवस के मौके पर इन शायरियों को आप अपना फेसबुक या फिर व्हाट्सएप स्टेटस बना सकते हैं।
