Retirement Crisis: रिटायरमेंट यह एक ऐसा शब्द है, जिसके बारे में नौकरीपेशा से लेकर बिजनेसमैन तक सब सोचते हैं। टारगेट, कमाई और नंबरों की दौड़ से दूर सुकून भरी जिंदगी। रिटायरमेंट को लेकर अकसर लोगों की यही सोच होती है। लेकिन अगर प्रॉपर प्लानिंग नहीं हो तो ये सपने मुसीबत भी बन सकते हैं। दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के सीईओ नितिन कामत ने हाल ही में इसी परेशानी की ओर लोगों का ध्यान खींचा है। नितिन ने इसे लेकर एक के बाद एक कई ट्वीट किए और जेन जेड व मिलेनियल युवाओं को चेताया कि उन्हें इस बारे में समय रहते सोचना चाहिए। नितिन ने इसे रिटायरमेंट क्राइसिस बताया और एक खास रणनीति के बारे में भी खुलकर बात की।
जीरोधा के सीईओ ने चेताया रिटायरमेंट क्राइसिस के बारे में
अपने पहले ट्वीट में नितिन ने बताया कि आखिर रिटायरमेंट क्राइसिस क्या है। उन्होंने लिखा, तकनीकी विकास के कारण आने वाले बीस सालों में रिटायरमेंट एज कम हो जाएगी। वहीं मेडिकल की उन्नति से लाइफ बढ़ जाएगी। आने वाले सालों में लोग 50 साल की उम्र में रिटायर्ड हो जाएंगे और जीवन लगभग 80 साल का होगा। ऐसे में इन 30 सालों का खर्च उठाना लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। नितिन के अनुसार पहले लोग लॉन्ग टर्म में रीयल एस्टेट और इक्विटी बुल मार्केट में निवेश कर इसकी तैयारी करते थे, लेकिन आने वाले समय में लोगों के पास ये ऑप्शन नहीं दिख रहे हैं। इसलिए इसके लिए एक स्ट्रेटजी बनाने की जरूरत है।
नितिन ने बताई ये स्ट्रेटजी
नितिन ने पहला गुरु मंत्र वही बताया जो हमारे बुजुर्ग बताते हैं। कर्ज से दूर रहो। जी हां, नितिन ने कहना है कि भेड़चाल या दिखावे के लिए ऐसी चीजों में इन्वेस्ट नहीं करें जिनकी आपको जरूरत नहीं हैं और भविष्य में जिनकी कीमत डिप्रीशीएट यानी कम होने वाली है। नितिन का दूसरा सुझाव वही है, जो हर घर के बड़े अपने छोटों को समझाते हैं। वो है बचत करें। नितिन बताते हैं कि कम उम्र से ही बचत करना जरूरी है। अपनी पूरी राशि एक जगह निवेश न करें, इसे कई हिस्सों में बांटकर आप एफडी, ईटीएफ और गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश करें। अच्छे रिटर्न के लिए स्टॉक में लॉन्ग टर्म निवेश करें।
इसे बताया बेहद जरूरी
नितिन ने परिवार की सिक्योरिटी को भी प्राथमिकता पर रखा है। उनके अनुसार कभी-कभी बीमारियों में सारी जमा पूंजी लग सकती है। इसलिए अपने परिवार के लिए कंप्रेहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी जरूर लें। अगर आपका परिवार आप पर ही निर्भर है तो इसके लिए भी अलग से पॉलिसी लें। पर्याप्त कवरेज वाली टर्म पॉलिसी लेना सबसे बेहतर है। अपने सबसे बुरे वक्त के लिए एक बैंक एफडी हमेशा रखें।
