Sweet Mango Tree from Mango Seed: आम को फलों का राजा ऐसे ही नहीं कहते। इसकी अलग-अलग वैराइटी की तो दुनिया दीवानी है। कोई दशहरी पसंद करता है, किसी को लंगड़ा अच्छा लगता है तो किसी के घर में अल्फांसो की मिठास पहुंचती है। वैसे आम खाते-खाते अक्सर सभी मन में एक सवाल मन जरूर आता है - अगर इस गुठली को मिट्टी में लगा दें तो क्या कुछ साल बाद उसी तरह मीठे आम का पेड़ तैयार हो जाएगा?
गुठली से आम का पौधा उगाने का सही तरीका क्या है
कई लोग उत्साह में गुठली गमले में लगा भी देते हैं। लेकिन क्या गुठली से उगा पेड़ भी वैसा ही मीठा आम देता है, जैसा आपने खाया था? नर्सरी के अनुभवी माली और बागवानी विशेषज्ञ इस सवाल का जवाब थोड़ा अलग तरीके से देते हैं।
क्या मीठे आम की गुठली से मीठा आम उगता है
बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, आम की गुठली से पौधा तो आसानी से उगाया जा सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि उस पर उसी स्वाद का आम आए। इसकी वजह यह है कि गुठली से उगा पौधा बीज से विकसित होता है और उसमें माता-पिता दोनों पौधों के गुण मिल सकते हैं। ऐसे में आपके घर उगने वाले आम का स्वाद, आकार, रंग और गुणवत्ता अलग हो सकती है।
यही कारण है कि बाजार में मिलने वाले ज्यादातर अच्छे आमों के बाग बीज से नहीं, बल्कि ग्राफ्टिंग (कलम) की तकनीक से तैयार किए जाते हैं।
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गुठली से आम का पौधा कैसे उगाएं
अगर आपका गुठली से आम का ऐसा पेड़ लगाना चाहते हैं जो मीठे और अच्छे फल दे तो इसकी स्टेप बाय स्टेप गाइड नोट करें-
- सबसे पहले पका हुआ और स्वस्थ आम चुनें।
- गुठली को अच्छी तरह धोकर उसका गूदा साफ कर लें।
- बाहरी सख्त खोल को सावधानी से खोलें और अंदर का बीज निकाल लें।
- बीज को हल्की नमी वाले टिश्यू पेपर में रखें। चाहें तो इसे सीधे अच्छी मिट्टी में भी लगा सकते हैं।
- गमले में ऐसी मिट्टी रखें जिसमें पानी जमा न हो।
- रोज हल्की नमी बनाए रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी न डालें।
- आमतौर पर लगभग दो से चार सप्ताह में बीज अंकुरित हो जाता है।
यही अंकुरित बीज धीरे-धीरे छोटा पौधा बनेगा। जब यह पौधा मजबूत हो जाए तो कुछ महीनों बाद इसे बड़े गमले या जमीन में लगाया जा सकता है।
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क्या यही पेड़ देगा मीठे आम
यहीं आकर ही बागवानी एक्सपर्ट आम लोगों से अलग राय रखते हैं। नोएडा की एक बड़ी नर्सरी के माली केशव कुमार ने बताया कि सिर्फ गुठली के बीज से निकले पेड़ से ही आपको अच्छे आम नहीं मिलेंगे। इसके लिए आपको पौधे पर किसी अच्छी किस्म की कलम की Grafting करनी होगी।
ग्राफ्टिंग क्या होती है और ये आम के पौधे पर कैसे की जाती है
माली केशव ने बताया कि ग्राफ्टिंग में एक बेहतरीन फल देने वाले पेड़ की शाखा को आपके उगे हुए पौधे पर जोड़ा जाता है। इससे नया पेड़ उसी किस्म के गुण अपनाता है। इससे फल भी उसी गुणवत्ता के मिलने की संभावना ज्यादा रहती है।
ग्राफ्टिंग का फायदा सिर्फ फल की क्वॉलिटी पर ही नहीं बल्कि पेड़ के फल देने के समय पर भी पड़ता है। अमूमन देखने में आता है कि ग्राफ्टिंग वाले पौधों में फल आने का समय काफी कम हो जाता है।
गुठली वाला पौधा कितने साल में फल देता है
बीज से उगे आम के पेड़ को फल देने में सामान्य तौर पर 7 से 10 साल, कई बार इससे भी ज्यादा समय लग सकता है। वहीं अच्छी तरह तैयार ग्राफ्टेड पौधे अक्सर 3 से 5 साल में फल देना शुरू कर देते हैं। इसलिए व्यावसायिक बागवानी में लगभग हमेशा ग्राफ्टेड पौधों को ही प्राथमिकता दी जाती है।
घर में आम का पौधा लगाने से पहले किन बातों का रखें ध्यान
आम का पौधा धूप पसंद करता है, इसलिए इसे ऐसी जगह लगाएं जहां रोज कई घंटे अच्छी धूप आती हो। शुरुआत में आम के पौधे को नियमित सिंचाई की जरूरत होती है लेकिन ये भी ध्यान रखना होता है कि गमले में मिट्टी के ऊपर पानी भरा नहीं होने देना चाहिए।
इसके अलावा पौधा ठीक आकार के गमले में लगाएं। दरअसल, पौधे को पेड़ के तौर पर बढ़ने के लिए पूरी जगह चाहिए होगी। कम जगह में इसकी ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
