क्या आपने कभी सोचा है कि बिना एक भी कैलोरी शरीर के अंदर लिए, सिर्फ चॉकलेट की महक से आप जिम में भारी वजन उठा सकते हैं? सुनने में यह किसी जादुई ट्रिक जैसा लगता है, लेकिन हाल ही में आए एक अनोखे शोध ने कुछ ऐसा ही दावा किया है। इस रिसर्च के मुताबिक, अगर आप खाली पेट पैरों की एक्सरसाइज कर रहे हैं और वर्कआउट के बीच में चॉकलेट सूंघ लेते हैं, तो आपकी एक्सरसाइज करने की क्षमता काफी बढ़ सकती है।
जिम में चॉकलेट खाने से क्या होता है (AI Generated Image)
वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका संबंध हमारे दिमाग और शरीर के आपसी तालमेल यानी साइकोबायोलॉजी से है। एडिलेड यूनिवर्सिटी के एक्सरसाइज साइंटिस्ट हंटर बेनेट ने इस पूरे शोध का गहराई से विश्लेषण किया है कि यह विज्ञान आखिर काम कैसे करता है।
यह अनोखा टेस्ट कैसे किया गया?
इस दावे की सच्चाई परखने के लिए शोधकर्ताओं ने एक बेहद व्यवस्थित तरीका अपनाया:
प्रतिभागी कौन थे: इसमें 23 ऐसे युवाओं को शामिल किया गया जो पेशेवर एथलीट नहीं थे, लेकिन पिछले दो वर्षों से हफ्ते में कम से कम दो बार जिम में नियमित रूप से रेजिस्टेंस ट्रेनिंग (जैसे वजन उठाना या मांसपेशियों पर दबाव डालने वाले व्यायाम) कर रहे थे।
कौन सी एक्सरसाइज चुनी गई: टेस्ट के लिए 'लेग एक्सटेंशन' मशीन का इस्तेमाल किया गया, जिसमें व्यक्ति बैठकर अपने पैरों के बल से वजन को ऊपर की ओर धकेलता है।
क्या थी प्रक्रिया: हर प्रतिभागी को तीन अलग-अलग दिनों में लैब बुलाया गया। हर बार वे करीब 10 घंटे के खाली पेट (फास्टिंग) पर थे। वर्कआउट शुरू करने से पहले और हर सेट के बीच में उन्हें 30 सेकंड के लिए तीन में से कोई एक जार सूंघने को दिया गया:
- 90% कोको वाली डार्क चॉकलेट
- 60% कोको वाली मिल्क चॉकलेट
- सादा पानी (जिसका इस्तेमाल केवल तुलना के लिए किया गया)
वर्कआउट का नियम: उन्हें उनकी अधिकतम क्षमता के लगभग 80% भारी वजन के साथ 10-10 रैप्स के उतने सेट लगाने थे, जितने वे थकने से पहले लगा सकते थे।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: हमेशा नंगे पैर क्यों रहते थे एमएफ हुसैन
रिसर्च के हैरान करने वाले नतीजे
जब तीनों दिनों के प्रदर्शन की तुलना की गई, तो आंकड़े काफी चौंकाने वाले थे:
डार्क चॉकलेट का कमाल: डार्क चॉकलेट की खुशबू सूंघने वाले दिनों में प्रतिभागियों ने औसतन 18 रैप्स ज्यादा किए। यानी उनके प्रदर्शन में 25% से भी अधिक का जबर्दस्त सुधार देखा गया।
मिल्क चॉकलेट का असर: इसे सूंघने पर प्रतिभागियों ने औसतन 9 रैप्स ज्यादा किए।
कैफीन से तुलना: आमतौर पर जिम जाने वाले लोग परफॉर्मेंस बढ़ाने के लिए सप्लीमेंट्स लेते हैं, जिससे हर सेट में औसतन केवल 1 अतिरिक्त रैप ही बढ़ पाता है। उस मुकाबले सिर्फ खुशबू सूंघने से मिला यह उछाल बेहद असाधारण माना जा रहा है।
भूख और दिमाग का कनेक्शन: इसके पीछे का विज्ञान क्या है?
इस शोध के दौरान प्रतिभागियों से उनकी भूख के अहसास को लेकर भी सवाल पूछे गए, जिससे एक दिलचस्प थ्योरी सामने आई:
दिमाग को चकमा देना: जब हम खाली पेट वर्कआउट करते हैं, तो भूख की वजह से हमारा ध्यान बार-बार भटकता है और शरीर जल्दी थकने लगता है। डार्क चॉकलेट की तेज और गहरी खुशबू हमारे मस्तिष्क को यह भ्रम देती है कि पेट कुछ हद तक भरा हुआ है। इससे ध्यान भटकना बंद हो जाता है और व्यक्ति ज्यादा ध्यान केंद्रित कर पाता है।
डार्क बनाम मिल्क चॉकलेट: हालांकि अधिकांश प्रतिभागियों को मिल्क चॉकलेट की खुशबू सबसे ज्यादा पसंद आई, लेकिन भूख कम करने में केवल डार्क चॉकलेट की गंध ही प्रभावी रही। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि डार्क चॉकलेट की तीव्र और चिर-परिचित कड़वी-मीठी महक दिमाग को तृप्ति का अहसास कराने में ज्यादा असरदार साबित हुई।
